पदच्छेदः
| दिष्ट्या | दिष्टि (३.१) |
| प्रत्याहृता | प्रत्याहृत (√प्रत्या-हृ + क्त, १.१) |
| सीता | सीता (१.१) |
| दिष्ट्या | दिष्टि (३.१) |
| शत्रुः | शत्रु (१.१) |
| पराजितः | पराजित (√परा-जि + क्त, १.१) |
| एष | एतद् (१.१) |
| नः | मद् (६.३) |
| परमः | परम (१.१) |
| काम | काम (१.१) |
| एषा | एतद् (१.१) |
| नः | मद् (६.३) |
| कीर्तिर् | कीर्ति (१.१) |
| उत्तमा | उत्तम (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| दि | ष्ट्या | प्र | त्या | हृ | ता | सी | ता |
| दि | ष्ट्या | श | त्रुः | प | रा | जि | तः |
| ए | ष | नः | प | र | मः | का | म |
| ए | षा | नः | की | र्ति | रु | त्त | मा |