M N Dutt
I know, you are cognisant of piety; the citizens, your councillors and your brother Kubera also love you; do you therefore go and govern Lankā piously, O king; never cherish any vile intention; the honest kings always enjoy the earth.
पदच्छेदः
| मा | मद् (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| बुद्धिम् | बुद्धि (२.१) |
| अधर्मे | अधर्म (७.१) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| कुर्या | कुर्याः (√कृ विधिलिङ् म.पु. ) |
| राजन् | राजन् (८.१) |
| कथंचन | कथंचन (अव्ययः) |
| बुद्धिमन्तो | बुद्धिमत् (१.३) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| राजानो | राजन् (१.३) |
| ध्रुवम् | ध्रुवम् (अव्ययः) |
| अश्नन्ति | अश्नन्ति (√अश् लट् प्र.पु. बहु.) |
| मेदिनीम् | मेदिनी (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| मा | च | बु | द्धि | म | ध | र्मे | त्वं |
| कु | र्या | रा | ज | न्क | थं | च | न |
| बु | द्धि | म | न्तो | हि | रा | जा | नो |
| ध्रु | व | म | श्न | न्ति | मे | दि | नीम् |