पदच्छेदः
| स्नेहो | स्नेह (१.१) |
| मे | मद् (६.१) |
| परमो | परम (१.१) |
| राजंस्त्वयि | राजन् (८.१)–त्वद् (७.१) |
| नित्यं | नित्यम् (अव्ययः) |
| प्रतिष्ठितः | प्रतिष्ठित (√प्रति-स्था + क्त, १.१) |
| भक्तिश्च | भक्ति (१.१)–च (अव्ययः) |
| नियता | नियत (√नि-यम् + क्त, १.१) |
| वीर | वीर (८.१) |
| भावो | भाव (१.१) |
| नान्यत्र | न (अव्ययः)–अन्यत्र (अव्ययः) |
| गच्छति | गच्छति (√गम् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स्ने | हो | मे | प | र | मो | रा | जं |
| स्त्व | यि | नि | त्यं | प्र | ति | ष्ठि | तः |
| भ | क्ति | श्च | नि | य | ता | वी | र |
| भा | वो | ना | न्य | त्र | ग | च्छ | ति |