पदच्छेदः
| ईदृशो | ईदृश (१.१) |
| नश्चिरं | मद् (६.३)–चिरम् (अव्ययः) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| भवत्विति | भवतु (√भू लोट् प्र.पु. एक.)–इति (अव्ययः) |
| नरेश्वर | नरेश्वर (८.१) |
| कथयन्ति | कथयन्ति (√कथय् लट् प्र.पु. बहु.) |
| पुरे | पुर (७.१) |
| पौरा | पौर (१.३) |
| जना | जन (१.३) |
| जनपदेषु | जनपद (७.३) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ई | दृ | शो | न | श्चि | रं | रा | जा |
| भ | व | त्वि | ति | न | रे | श्व | र |
| क | थ | य | न्ति | पु | रे | पौ | रा |
| ज | ना | ज | न | प | दे | षु | च |