पदच्छेदः
| नयनं | नयन (१.१) |
| मे | मद् (६.१) |
| स्फुरत्यद्य | स्फुरति (√स्फुर् लट् प्र.पु. एक.)–अद्य (अव्ययः) |
| गात्रोत्कम्पश्च | गात्र–उत्कम्प (१.१)–च (अव्ययः) |
| जायते | जायते (√जन् लट् प्र.पु. एक.) |
| हृदयं | हृदय (२.१) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| सौमित्रे | सौमित्रि (८.१) |
| अस्वस्थम् | अस्वस्थ (२.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| लक्षये | लक्षये (√लक्षय् लट् उ.पु. ) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | य | नं | मे | स्फु | र | त्य | द्य |
| गा | त्रो | त्क | म्प | श्च | जा | य | ते |
| हृ | द | यं | चै | व | सौ | मि | त्रे |
| अ | स्व | स्थ | मि | व | ल | क्ष | ये |