पदच्छेदः
| दूरस्थं | दूर–स्थ (२.१) |
| रथम् | रथ (२.१) |
| आलोक्य | आलोक्य (√आ-लोकय् + ल्यप्) |
| लक्ष्मणं | लक्ष्मण (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| मुहुर् | मुहुर् (अव्ययः) |
| मुहुः | मुहुर् (अव्ययः) |
| निरीक्षमाणाम् | निरीक्षमाण (√निः-ईक्ष् + शानच्, २.१) |
| उद्विग्नां | उद्विग्न (√उत्-विज् + क्त, २.१) |
| सीतां | सीता (२.१) |
| शोकः | शोक (१.१) |
| समाविशत् | समाविशत् (√समा-विश् + शतृ, १.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| दू | र | स्थं | र | थ | मा | लो | क्य |
| ल | क्ष्म | णं | च | मु | हु | र्मु | हुः |
| नि | री | क्ष | मा | णा | मु | द्वि | ग्नां |
| सी | तां | शो | कः | स | मा | वि | शत् |