पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तया | तद् (३.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| संयुक्तो | संयुक्त (√सम्-युज् + क्त, १.१) |
| रराज | रराज (√राज् लिट् प्र.पु. एक.) |
| रजनीचरः | रजनीचर (१.१) |
| अञ्जनाद् | अञ्जन (५.१) |
| अभिनिष्क्रान्तः | अभिनिष्क्रान्त (√अभिनिः-क्रम् + क्त, १.१) |
| करेण्वेव | करेणु (३.१)–इव (अव्ययः) |
| महागजः | महत्–गज (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | त | या | स | ह | सं | यु | क्तो |
| र | रा | ज | र | ज | नी | च | रः |
| अ | ञ्ज | ना | द | भि | नि | ष्क्रा | न्तः |
| क | रे | ण्वे | व | म | हा | ग | जः |