पदच्छेदः
| राज्ये | राज्य (७.१) |
| त्वाम् | त्वद् (२.१) |
| अभिषेक्ष्यामि | अभिषेक्ष्यामि (√अभि-सिच् लृट् उ.पु. ) |
| मधोस्तु | मधु (६.१)–तु (अव्ययः) |
| नगरे | नगर (७.१) |
| शुभे | शुभ (७.१) |
| निवेशय | निवेशय (√नि-वेशय् लोट् म.पु. ) |
| महाबाहो | महत्–बाहु (८.१) |
| भरतं | भरत (२.१) |
| यद्यवेक्षसे | यदि (अव्ययः)–अवेक्षसे (√अव-ईक्ष् लट् म.पु. ) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| रा | ज्ये | त्वा | म | भि | षे | क्ष्या | मि |
| म | धो | स्तु | न | ग | रे | शु | भे |
| नि | वे | श | य | म | हा | बा | हो |
| भ | र | तं | य | द्य | वे | क्ष | से |