पदच्छेदः
| यो | यद् (१.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| वंशं | वंश (२.१) |
| समुत्पाट्य | समुत्पाट्य (√समुत्-पाटय् + ल्यप्) |
| पार्थिवस्य | पार्थिव (६.१) |
| पुनः | पुनर् (अव्ययः) |
| क्षये | क्षय (७.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| विधत्ते | विधत्ते (√वि-धा लट् प्र.पु. एक.) |
| नृपं | नृप (२.१) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| नरकं | नरक (२.१) |
| स | तद् (१.१) |
| निगच्छति | निगच्छति (√नि-गम् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| यो | हि | वं | शं | स | मु | त्पा | ट्य |
| पा | र्थि | व | स्य | पु | नः | क्ष | ये |
| न | वि | ध | त्ते | नृ | पं | त | त्र |
| न | र | कं | स | नि | ग | च्छ | ति |