पदच्छेदः
| यदा | यदा (अव्ययः) |
| पुरेष्वयुक्तानि | पुर (७.३)–अयुक्त (२.३) |
| जना | जन (१.३) |
| जनपदेषु | जनपद (७.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| कुर्वते | कुर्वते (√कृ लट् प्र.पु. बहु.) |
| न | न (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| रक्षास्ति | रक्षा–अस्ति (√अस् लट् प्र.पु. एक.) |
| तदाकालकृतं | तदा (अव्ययः)–अकाल–कृत (√कृ + क्त, १.१) |
| भयम् | भय (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| य | दा | पु | रे | ष्व | यु | क्ता | नि |
| ज | ना | ज | न | प | दे | षु | च |
| कु | र्व | ते | न | च | र | क्षा | स्ति |
| त | दा | का | ल | कृ | तं | भ | यम् |