पदच्छेदः
| एते | एतद् (१.३) |
| द्विजर्षभाः | द्विज–ऋषभ (१.३) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| आसनेषूपवेशिताः | आसन (७.३)–उपवेशित (√उप-वेशय् + क्त, १.३) |
| मन्त्रिणो | मन्त्रिन् (१.३) |
| नैगमाश्चैव | नैगम (१.३)–च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| यथार्हम् | यथार्ह (२.१) |
| अनुकूलतः | अनुकूल (५.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | ते | द्वि | ज | र्ष | भाः | स | र्वे |
| आ | स | ने | षू | प | वे | शि | ताः |
| म | न्त्रि | णो | नै | ग | मा | श्चै | व |
| य | था | र्ह | म | नु | कू | ल | तः |