पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| ऽगस्त्याश्रमपदं | अगस्त्य–आश्रम–पद (२.१) |
| रामः | राम (१.१) |
| कमललोचनः | कमल–लोचन (१.१) |
| स | तद् (१.१) |
| गत्वा | गत्वा (√गम् + क्त्वा) |
| विनयेनैव | विनय (३.१)–एव (अव्ययः) |
| तं | तद् (२.१) |
| नत्वा | नत्वा (√नम् + क्त्वा) |
| मुमुदे | मुमुदे (√मुद् लिट् प्र.पु. एक.) |
| सुखी | सुखिन् (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तो | ऽग | स्त्या | श्र | म | प | दं |
| रा | मः | क | म | ल | लो | च | नः |
| स | ग | त्वा | वि | न | ये | नै | व |
| तं | न | त्वा | मु | मु | दे | सु | खी |