पदच्छेदः
| तथा | तथा (अव्ययः) |
| ते | तद् (१.३) |
| राक्षसा | राक्षस (१.३) |
| युद्धे | युद्ध (७.१) |
| विष्णुना | विष्णु (३.१) |
| प्रभविष्णुना | प्रभविष्णु (३.१) |
| द्रवन्ति | द्रवन्ति (√द्रु लट् प्र.पु. बहु.) |
| द्राविताश्चैव | द्रावित (√द्रावय् + क्त, १.३)–च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| शायिताश्च | शायित (√शायय् + क्त, १.३)–च (अव्ययः) |
| महीतले | मही–तल (७.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | था | ते | रा | क्ष | सा | यु | द्धे |
| वि | ष्णु | ना | प्र | भ | वि | ष्णु | ना |
| द्र | व | न्ति | द्रा | वि | ता | श्चै | व |
| शा | यि | ता | श्च | म | ही | त | ले |