M N Dutt
How could the king Ila subject himself to those afflictions in the shape of a female? And how did he use to behave himself in his male form?
पदच्छेदः
| कथं | कथम् (अव्ययः) |
| स | तद् (१.१) |
| राजा | राजन् (१.१) |
| स्त्रीभूतो | स्त्री–भूत (√भू + क्त, १.१) |
| वर्तयामास | वर्तयामास (√वर्तय् प्र.पु. एक.) |
| दुर्गतिम् | दुर्गति (२.१) |
| पुरुषो | पुरुष (१.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| यदा | यदा (अव्ययः) |
| भूतः | भूत (√भू + क्त, १.१) |
| कां | क (२.१) |
| वृत्तिं | वृत्ति (२.१) |
| वर्तयत्यसौ | वर्तयति (√वर्तय् लट् प्र.पु. एक.)–अदस् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| क | थं | स | रा | जा | स्त्री | भू | तो |
| व | र्त | या | मा | स | दु | र्ग | तिम् |
| पु | रु | षो | वा | य | दा | भू | तः |
| कां | वृ | त्तिं | व | र्त | य | त्य | सौ |