M N Dutt
There upon becoming a man for the next month he began to perform ascetic penances.पदच्छेदः
| मासं | मास (२.१) |
| स | तद् (१.१) |
| स्त्री | स्त्री (१.१) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| भूत्वा | भूत्वा (√भू + क्त्वा) |
| रमयत्यनिशं | रमयति (√रमय् लट् प्र.पु. एक.)–अनिशम् (अव्ययः) |
| शुभा | शुभ (१.१) |
| मासं | मास (२.१) |
| पुरुषभावेन | पुरुष–भाव (३.१) |
| धर्मबुद्धिं | धर्म–बुद्धि (२.१) |
| चकार | चकार (√कृ लिट् प्र.पु. एक.) |
| सः | तद् (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मा | सं | स | स्त्री | त | दा | भू | त्वा |
| र | म | य | त्य | नि | शं | शु | भा |
| मा | सं | पु | रु | ष | भा | वे | न |
| ध | र्म | बु | द्धिं | च | का | र | सः |