M N Dutt
Rāma having thus described the wonderful birth of Pururavā, the illustrious Bharata and Lakşmaņa asked him again saying.
पदच्छेदः
| तथोक्तवति | तथा (अव्ययः)–उक्तवत् (√वच् + क्तवतु, ७.१) |
| रामे | राम (७.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| जन्म | जन्मन् (२.१) |
| तद् | तद् (२.१) |
| अद्भुतम् | अद्भुत (२.१) |
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| लक्ष्मणो | लक्ष्मण (१.१) |
| भूयो | भूयस् (अव्ययः) |
| भरतश्च | भरत (१.१)–च (अव्ययः) |
| महायशाः | महत्–यशस् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | थो | क्त | व | ति | रा | मे | तु |
| त | स्य | ज | न्म | त | द | द्भु | तम् |
| उ | वा | च | ल | क्ष्म | णो | भू | यो |
| भ | र | त | श्च | म | हा | य | शाः |