पदच्छेदः
| तेषां | तद् (६.३) |
| संवदताम् | संवदत् (√सम्-वद् + शतृ, ६.३) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| तम् | तद् (२.१) |
| आश्रमम् | आश्रम (२.१) |
| उपागमत् | उपागमत् (√उपा-गम् प्र.पु. एक.) |
| कर्दमः | कर्दम (१.१) |
| सुमहातेजा | सु (अव्ययः)–महत्–तेजस् (१.१) |
| द्विजैः | द्विज (३.३) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| महात्मभिः | महात्मन् (३.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ते | षां | सं | व | द | ता | मे | व |
| त | मा | श्र | म | मु | पा | ग | मत् |
| क | र्द | मः | सु | म | हा | ते | जा |
| द्वि | जैः | स | ह | म | हा | त्म | भिः |