पदच्छेदः
| ऋषयश्च | ऋषि (१.३)–च (अव्ययः) |
| महाबाहो | महत्–बाहु (८.१) |
| आहूयन्तां | आहूयन्ताम् (√आ-ह्वा प्र.पु. बहु.) |
| तपोधनाः | तपोधन (१.३) |
| देशान्तरगता | देश–अन्तर–गत (√गम् + क्त, १.३) |
| ये | यद् (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| सदाराश्च | स (अव्ययः)–दार (१.३)–च (अव्ययः) |
| महर्षयः | महत्–ऋषि (१.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ऋ | ष | य | श्च | म | हा | बा | हो |
| आ | हू | य | न्तां | त | पो | ध | नाः |
| दे | शा | न्त | र | ग | ता | ये | च |
| स | दा | रा | श्च | म | ह | र्ष | यः |