M N Dutt
If Rāma, the lord of earth, invites you to sing the Rāmāyaṇa, you may fearlessly sing it there in due notes and measures before the assembled ascetics.
पदच्छेदः
| यदि | यदि (अव्ययः) |
| शब्दापयेद् | शब्दापयेत् (√शब्दापय् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| रामः | राम (१.१) |
| श्रवणाय | श्रवण (४.१) |
| महीपतिः | महीपति (१.१) |
| ऋषीणाम् | ऋषि (६.३) |
| उपविष्टानां | उपविष्ट (√उप-विश् + क्त, ६.३) |
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| गेयं | गेय (√गा + कृत्, १.१) |
| प्रवर्तताम् | प्रवर्तत् (√प्र-वृत् + शतृ, ६.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | दि | श | ब्दा | प | ये | द्रा | मः |
| श्र | व | णा | य | म | ही | प | तिः |
| ऋ | षी | णा | मु | प | वि | ष्टा | नां |
| त | तो | गे | यं | प्र | व | र्त | ताम् |