पदच्छेदः
| पौराणिकाञ्शब्दविदो | पौराणिक (२.३)–शब्द–विद् (२.३) |
| ये | यद् (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| वृद्धा | वृद्ध (१.३) |
| द्विजातयः | द्विजाति (१.३) |
| एतान् | एतद् (२.३) |
| सर्वान् | सर्व (२.३) |
| समानीय | समानीय (√समा-नी + ल्यप्) |
| गातारौ | गातृ (२.२) |
| समवेशयत् | समवेशयत् (√सम्-वेशय् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पौ | रा | णि | का | ञ्श | ब्द | वि | तो |
| ये | च | वृ | द्धा | द्वि | जा | त | यः |
| ए | ता | न्स | र्वा | न्स | मा | नी | य |
| गा | ता | रौ | स | म | वे | श | यत् |