पदच्छेदः
| अगस्त्यो | अगस्त्य (१.१) |
| ऽथ | अथ (अव्ययः) |
| तथा | तथा (अव्ययः) |
| शक्तिर् | शक्ति (१.१) |
| भार्गवश्चैव | भार्गव (१.१)–च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| वामनः | वामन (१.१) |
| मार्कण्डेयश्च | मार्कण्डेय (१.१)–च (अव्ययः) |
| दीर्घायुर् | दीर्घ–आयुस् (१.१) |
| मौद्गल्यश्च | मौद्गल्य (१.१)–च (अव्ययः) |
| महातपाः | महत्–तपस् (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | ग | स्त्यो | ऽथ | त | था | श | क्ति |
| र्भा | र्ग | व | श्चै | व | वा | म | नः |
| मा | र्क | ण्डे | य | श्च | दी | र्घा | यु |
| र्मौ | द्ग | ल्य | श्च | म | हा | त | पाः |