M N Dutt
And from the time of Sita's entering into Pātāla he did not take any other spouse. And having made a golden image of Sītā he engage in the performance of various sacrifices.
पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| सीतायाः | सीता (६.१) |
| परां | पर (२.१) |
| भार्यां | भार्या (२.१) |
| वव्रे | वव्रे (√वृ लिट् प्र.पु. एक.) |
| स | तद् (१.१) |
| रघुनन्दनः | रघुनन्दन (१.१) |
| यज्ञे | यज्ञ (७.१) |
| यज्ञे | यज्ञ (७.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| पत्न्यर्थं | पत्नी–अर्थ (२.१) |
| जानकी | जानकी (१.१) |
| काञ्चनी | काञ्चन (१.१) |
| भवत् | भवत् (√भू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | सी | ता | याः | प | रां | भा | र्यां |
| व | व्रे | स | र | घु | न | न्द | नः |
| य | ज्ञे | य | ज्ञे | च | प | त्न्य | र्थं |
| जा | न | की | का | ञ्च | नी | भ | वत् |