M N Dutt
Răma's army unconquerable even by the celestials went out from the city like a celestial host under the command of Indra.
पदच्छेदः
| सा | तद् (१.१) |
| सेना | सेना (१.१) |
| शक्रयुक्तेव | शक्र–युक्त (√युज् + क्त, १.१)–इव (अव्ययः) |
| नगरान्निर्ययावथ | नगर (५.१)–निर्ययौ (√निः-या लिट् प्र.पु. एक.)–अथ (अव्ययः) |
| राघवानुगता | राघव–अनुगत (√अनु-गम् + क्त, १.१) |
| दूरं | दूर (२.१) |
| दुराधर्षा | दुराधर्ष (१.१) |
| सुरासुरैः | सुर–असुर (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सा | से | ना | श | क्र | यु | क्ते | व |
| न | र | गा | न्नि | र्य | या | व | थ |
| रा | घ | वा | नु | ग | ता | दू | रं |
| दु | रा | ध | र्षा | सु | रा | सु | रैः |