M N Dutt
The pious Laksmana and Bharata— both the brothers, were greatly attached to Råma; and though the spent their days in another place they did not experience any pain in consequence of separation from their sons.
पदच्छेदः
| उभौ | उभ् (१.२) |
| सौमित्रिभरतौ | सौमित्रि–भरत (१.२) |
| रामपादावनुव्रतौ | राम–पाद (२.२)–अनुव्रत (१.२) |
| कालं | काल (२.१) |
| गतम् | गत (√गम् + क्त, २.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| स्नेहान्न | स्नेह (५.१)–न (अव्ययः) |
| जज्ञाते | जज्ञाते (√जन् लिट् प्र.पु. द्वि.) |
| ऽतिधार्मिकौ | अति (अव्ययः)–धार्मिक (१.२) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| उ | भौ | सौ | मि | त्रि | भ | र | तौ |
| रा | म | पा | दा | व | नु | व्र | तौ |
| का | लं | ग | त | म | पि | स्ने | हा |
| न्न | ज | ज्ञा | ते | ऽति | धा | र्मि | कौ |