M N Dutt
The high-souled Rșis and great Asuras followed the high-souled Rāma to the open gates of heaven.पदच्छेदः
| ऋषयश्च | ऋषि (१.३)–च (अव्ययः) |
| महात्मानः | महात्मन् (१.३) |
| सर्व | सर्व (१.३) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| महीसुराः | महीसुर (१.३) |
| अन्वगच्छन्त | अन्वगच्छन्त (√अनु-गम् लङ् प्र.पु. बहु.) |
| काकुत्स्थं | काकुत्स्थ (२.१) |
| स्वर्गद्वारम् | स्वर्ग–द्वार (२.१) |
| उपागतम् | उपागत (√उपा-गम् + क्त, २.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ऋ | ष | य | श्च | म | हा | त्मा | नः |
| स | र्व | ए | व | म | ही | सु | राः |
| अ | न्व | ग | च्छ | न्त | का | कु | त्स्थं |
| स्व | र्ग | द्वा | र | मु | पा | ग | तम् |