अन्वयः
AI
आत्म-विसृष्टेषु यूप-चिह्नेषु यज्वनाम् ग्रामेषु अर्ध्यान् अनुपदम अ-मोघाः आशिषः प्रतिगृह्णन्तौ ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
ग्रामेष्विति॥ आत्मविसृष्टेषु स्वदत्तेषु। यूपो नाम संस्कृतः पशुबन्धाय दारुविशेषः। यूपा एव चिह्नानि येषां तेषु ग्रामेष्वमोघाः सफला यज्वनां विधिनेष्टवताम्।
यज्वा तु विधिनेष्टवान् इत्यमरः (अमरकोशः २.७.१० ) । सुयजोर्ड्वनिप् (अष्टाध्यायी ३.२.१०३ ) इति ङ्वनिप्र्रत्ययः। आशिष आशीर्वादान्। अर्घः पूजाविधिः, तदर्थं द्रव्यमर्ध्यम्। पादार्धाभ्यां च (अष्टाध्यायी ५.४.२५ ) इति यत्प्रत्ययः। षट् तु त्रिष्वर्ध्यमर्घार्थे पाद्यं पादाय वारिणि इत्यमरः (अमरकोशः २.७.१० ) । अर्ध्यस्यानुपदन्वक्। अर्ध्यस्वीकारानन्तरमित्यर्थथः। प्रतिगृह्णन्तौ स्वीकुर्वन्तौ पदस्य पश्चादनुपदम्। पश्चादर्थेऽव्ययीभावः। अन्वगन्वक्षमनुगेऽनुपदं क्लीबमव्ययम् इत्यमरः (अमरकोशः ३.१.७७ ) ॥
Summary
AI
Passing through villages he had gifted to sacrificers—identifiable by the sacrificial posts (yūpas)—the king accepted ritual offerings and received infallible blessings at every step.
सारांश
AI
मार्ग में अपने द्वारा दान किए गए यज्ञ-स्तंभों वाले गांवों में, वे अग्निहोत्री ब्राह्मणों द्वारा दिए गए अर्घ्य और उसके बाद दिए गए अचूक आशीर्वादों को स्वीकार कर रहे थे।
पदच्छेदः
AI
| ग्रामेषु | ग्राम (७.३) | in the villages |
| आत्मविसृष्टेषु | आत्मन्–विसृष्ट (वि√सृज्+क्त, ७.३) | granted by himself (the King) |
| यूपचिह्नेषु | यूप–चिह्न (७.३) | marked by sacrificial posts |
| यज्वनाम् | यज्वन् (६.३) | of the performers of sacrifices |
| अमोघाः | अमोघ (२.३) | unfailing / fruitful |
| प्रतिगृह्णन्तौ | प्रतिगृह्णत् (प्रति√ग्रह्+शतृ, १.२) | receiving |
| अर्ध्यानुपदम् | अर्घ्य–अनुपदम् | immediately after the offering of Arghya |
| आशिषः | आशिस् (२.३) | blessings |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ग्रा | मे | ष्वा | त्म | वि | सृ | ष्टे | षु |
| यू | प | चि | ह्ने | षु | य | ज्व | नाम् |
| अ | मो | घाः | प्र | ति | गृ | ह्ण | न्ता |
| व | र्ध्या | नु | प | द | मा | शि | षः |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.