कातरोऽसि यदि वाद्ग-
तार्चिषा तर्जितः परशुधारया मम ।
ज्यानिघातकठिनाङ्गुलि-
र्वृथा बध्यतामभयययाचनाञ्जलिः ॥
कातरोऽसि यदि वाद्ग-
तार्चिषा तर्जितः परशुधारया मम ।
ज्यानिघातकठिनाङ्गुलि-
र्वृथा बध्यतामभयययाचनाञ्जलिः ॥
तार्चिषा तर्जितः परशुधारया मम ।
ज्यानिघातकठिनाङ्गुलि-
र्वृथा बध्यतामभयययाचनाञ्जलिः ॥
अन्वयः
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यदि वा मम उद्गतार्चिषा परशुधारया तर्जितः (त्वम्) कातरः असि, (तर्हि) ज्यानिघातकठिनाङ्गुलिः (तव) अभययाचनाञ्जलिः वृथा बध्यताम् ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
कातर इति॥ यदि वोद्गतार्चिषोद्गतत्विषा मम परशुधारया तर्जितः कातरोऽसि भीतोऽसि। वृथा ज्यानिघातेन कठिना अङ्गुलयो यस्य स तथोक्तोऽभययाचनाञ्जलिरभयप्रार्थनाञ्जलिर्बध्यताम्।
तौ युतावञ्जलिः पुमान् इत्यमरः (अमरकोशः २.६.८६ ) ॥
Summary
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Parashurama continues, "Or if you are a coward, threatened by the blazing edge of my axe, then let your cupped hands, whose fingers are hardened by striking the bowstring, be folded in vain to beg for safety."
सारांश
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और यदि तुम मेरी फरसे की चमक से डरकर स्वयं को कायर मानते हो, तो प्रत्यंचा के आघात से कठोर हुई अपनी इन उंगलियों को जोड़कर मुझसे अभय की याचना करो।
पदच्छेदः
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| कातरः | कातर (१.१) | a coward |
| असि | असि (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | you are |
| यदि | यदि | if |
| वा | वा | or |
| उद्गतार्चिषा | उद्गत–अर्चिस् (३.१) | by the one with blazing flames |
| तर्जितः | तर्जित (√तर्ज्+क्त, १.१) | threatened |
| परशुधारया | परशु–धारा (३.१) | by the edge of the axe |
| मम | अस्मद् (६.१) | my |
| ज्यानिघातकठिनाङ्गुलिः | ज्या–निघात–कठिन–अङ्गुलि (१.१) | whose fingers are hardened by the striking of the bowstring |
| वृथा | वृथा | in vain |
| बध्यताम् | बध्यताम् (√बन्ध् भावकर्मणोः लोट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | let it be formed |
| अभययाचनाञ्जलिः | अभय–याचना–अञ्जलि (१.१) | the cupped hands gesture for begging for safety |
छन्दः
आर्यागीतिः []
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| का | त | रो | ऽसि | य | दि | वा | द्ग | ||||||
| ता | र्चि | षा | त | र्जि | तः | प | र | शु | धा | र | या | म | म |
| ज्या | नि | घा | त | क | ठि | ना | ङ्गु | लि | |||||
| र्वृ | था | ब | ध्य | ता | म | भ | य | य | या | च | ना | ञ्ज | लिः |
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