बभौ तमनुगच्छन्ती विदेहाधिपतेः सुता ।
प्रतिषिद्धापि कैकेय्या लक्ष्मीरिव गुणोन्मुखी ॥

अन्वयः AI तम् अनुगच्छन्ती विदेहाधिपतेः सुता कैकेय्या प्रतिषिद्धा अपि गुणोन्मुखी लक्ष्मीः इव बभौ ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः) बभाविति॥ तं राममनुगच्छन्ती विदेहाधिपतेः सुता सीता कैकेय्या प्रतिषिद्धा निवारिताऽपि गुणोन्मुखी गुणोत्सुका लक्ष्मी राजलक्ष्मीरिव बभौ॥
Summary AI Following him, the daughter of the King of Videha (Sita) shone like the Goddess of Fortune (Lakshmi), who, though forbidden by Kaikeyi, remains drawn toward Rama's virtues.
सारांश AI कैकेयी द्वारा रोके जाने पर भी विदेहराज की पुत्री सीता, गुणों के प्रति उन्मुख लक्ष्मी की भाँति श्री राम के पीछे चलती हुई सुशोभित हुईं।
पदच्छेदः AI
बभौबभौ (√भा कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) shone
तम्तद् (२.१) him
अनुगच्छन्तीअनुगच्छन्ती (अनु√गम्+शतृ+ङीप्, १.१) following
विदेहाधिपतेःविदेहअधिपति (६.१) of the king of Videha
सुतासुता (१.१) the daughter
प्रतिषिद्धाप्रतिषिद्धा (प्रति√सिध्+क्त+टाप्, १.१) though forbidden
अपिअपि also/though
कैकेय्याकैकेयी (३.१) by Kaikeyi
लक्ष्मीःलक्ष्मी (१.१) Lakshmi
इवइव like
गुणोन्मुखीगुण–उन्मुखी (१.१) inclined towards virtue
छन्दः अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
भौ नु च्छ न्ती
वि दे हा धि तेः सु ता
प्र ति षि द्धा पि कै के य्या
क्ष्मी रि गु णो न्मु खी
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