अन्वयः
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क्रूरनिश्चया कैकेयी तस्य कल्पितम् अभिषेकसंभारं शोकोष्णैः पार्थिवाश्रुभिः दूषयामास ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तस्येति॥ क्रूरनिश्चया कैकेयी तस्य रामस्य कल्पितं संभृतमभिषेकस्य संभारमुपकरणं शोकोष्णैः पार्थिवाश्रुभिर्दूषयामास। स्वदुःखमूलेन राजशोकेन प्रतिबबन्धेत्यर्थः ॥
Summary
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Kaikeyi, fixed in her cruel determination, ruined the elaborate preparations made for Rama's coronation by causing the King to shed tears hot with grief. Her demands turned a festive occasion into a tragedy for the King.
सारांश
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क्रूर निश्चय वाली कैकेयी ने राज्याभिषेक की समस्त तैयारियों को राजा के शोक से निकले गरम आँसुओं के माध्यम से दूषित कर दिया।
पदच्छेदः
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| तस्य | तद् (६.१) | his |
| अभिषेकसंभारं | अभिषेक–संभार (२.१) | preparations for coronation |
| कल्पितं | कल्पित (√कॢप्+क्त, २.१) | prepared |
| क्रूरनिश्चया | क्रूर–निश्चय (१.१) | she of cruel resolve |
| दूषयामास | दूषयामास (√दुष् +णिच्+आम् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | spoiled |
| कैकेयी | कैकेयी (१.१) | Kaikeyi |
| शोकोष्णैः | शोक–उष्ण (३.३) | hot with grief |
| पार्थिवाश्रुभिः | पार्थिव–अश्रु (३.३) | with the king's tears |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | स्या | भि | षे | क | सं | भा | रं |
| क | ल्पि | तं | क्रू | र | नि | श्च | या |
| दू | ष | या | मा | स | कै | के | यी |
| शो | को | ष्णैः | पा | र्थि | वा | श्रु | भिः |
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