अन्वयः
AI
शरत्कालः मेघस्य इव सः मेघनादस्य नादं इन्द्रायुधप्रभं धनुः च न किंचित् पर्यशेषयत् ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
स इति॥ स लक्ष्मणः शरत्कालो मेघस्येव। मेघनादस्येन्द्रजितो नादं सिंहनादम्। अन्यत्र, -गर्जितं च इन्द्रायुधप्रभं शक्रधनुःप्रभं धनुश्च किंचिदल्पमपि न पर्यशेषयन्नावशेषितवान्। तमवधीदित्यर्थः ॥
Summary
AI
Just as the autumn season leaves nothing of a cloud's thunder or its rainbow, Lakshmana left nothing remaining of Meghanada's roar or his bow that shone with the splendor of a rainbow.
सारांश
AI
राम ने मेघनाद की गर्जना और उसके धनुष को वैसे ही शांत कर दिया, जैसे शरद ऋतु बादलों और उनके इंद्रधनुष को मिटा देती है।
पदच्छेदः
AI
| सः | तद् (१.१) | He (Lakshmana) |
| नादम् | नाद (२.१) | the roar |
| मेघनादस्य | मेघनाद (६.१) | of Meghanada |
| धनुः | धनुस् (२.१) | bow |
| च | च | and |
| इन्द्रायुधप्रभम् | इन्द्रायुध–प्रभा (२.१) | rainbow-hued |
| मेघस्य | मेघ (६.१) | of a cloud |
| इव | इव | like |
| शरत्कालः | शरद्–काल (१.१) | the autumn season |
| न | न | not |
| किञ्चित् | किञ्चित् | anything |
| पर्यशेषयत् | पर्यशेषयत् (परि+अ√शिष् +णिच् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | left remaining |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | ना | दं | मे | घ | ना | द | स्य |
| ध | नु | श्चे | न्द्रा | यु | ध | प्र | भम् |
| मे | घ | स्ये | व | श | र | त्का | लो |
| न | किं | चि | त्प | र्य | शे | ष | यत् |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.