ससत्त्वमादाय नदीमुखाम्भः
संमीलयन्तो विवृताननत्वात् ।
अमी शिरोभिस्तिमयः सरन्ध्रै-
रूर्ध्वं वितन्वन्ति जलप्रवाहान् ॥
ससत्त्वमादाय नदीमुखाम्भः
संमीलयन्तो विवृताननत्वात् ।
अमी शिरोभिस्तिमयः सरन्ध्रै-
रूर्ध्वं वितन्वन्ति जलप्रवाहान् ॥
संमीलयन्तो विवृताननत्वात् ।
अमी शिरोभिस्तिमयः सरन्ध्रै-
रूर्ध्वं वितन्वन्ति जलप्रवाहान् ॥
अन्वयः
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अमी तिमयः स-सत्त्वम् नदी-मुख-अम्भः आदाय, विवृत-आननत्वात् संमीलयन्तः, स-रन्ध्रैः शिरोभिः ऊर्ध्वम् जल-प्रवाहान् वितन्वन्ति ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
ससत्त्वमिति॥ अमी तिमयो मत्स्यविशेषाः। तदुक्तम्-
अस्ति मत्स्यस्तिमिर्नाम शतयोजनमायतःइति। विवृताननत्वाद्व्यात्तमुखत्वाद्धेतोः। आननविवृत्येत्यर्थः। ससत्त्वं मत्स्यादिप्राणिसहितं नदीमुखाम्भ आदाय संमीलयन्तश्चञ्चुपुटानि संघट्टयन्तः सन्तः सरन्ध्रैः शिरोभिर्जलप्रवाहानूर्ध्वं वितन्वन्ति। जलयन्त्रक्रीडासमाधिर्व्यज्यते ॥
Summary
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"These whales, having drawn in water from the river estuaries along with the creatures within, close their wide-open mouths and then shoot streams of water upwards through the spouts on their heads."
सारांश
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ये विशाल तिमि मछलियाँ मुख खोलकर जलचरों सहित जल को पीती हैं और फिर अपने सिर के छिद्रों से जल की फुहारें ऊपर की ओर छोड़ती हैं।
पदच्छेदः
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| स-सत्त्वम् | स–सत्त्व (२.१) | along with the creatures in it |
| आदाय | आदाय (आ√दा+ल्यप्) | having taken in |
| नदी-मुख-अम्भः | नदी–मुख–अम्भस् (२.१) | the water from the river-mouths |
| संमीलयन्तः | संमीलयत् (सम्√मील्+शतृ, १.३) | closing (their mouths) |
| विवृत-आननत्वात् | विवृत–आनन–त्वात् (५.१) | due to having their mouths open |
| अमी | अदस् (१.३) | these |
| शिरोभिः | शिरस् (३.३) | with their heads |
| तिमयः | तिमि (१.३) | whales |
| स-रन्ध्रैः | स–रन्ध्र (३.३) | which have spouts |
| ऊर्ध्वम् | ऊर्ध्वम् | upwards |
| वितन्वन्ति | वितन्वन्ति (वि√तन् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | they shoot out |
| जल-प्रवाहान् | जल–प्रवाह (२.३) | streams of water |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | स | त्त्व | मा | दा | य | न | दी | मु | खा | म्भः |
| सं | मी | ल | य | न्तो | वि | वृ | ता | न | न | त्वात् |
| अ | मी | शि | रो | भि | स्ति | म | यः | स | र | न्ध्रै |
| रू | र्ध्वं | वि | त | न्व | न्ति | ज | ल | प्र | वा | हान् |
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