तवाधरस्पर्धिषु विद्रुमेषु
पर्यस्तमेतत्सहसोर्मिवेगात् ।
ऊर्ध्वाङ्कुरप्रोतमुखं कथंचि-
त्क्लेशादपक्रामति शङ्खयूथम् ॥
तवाधरस्पर्धिषु विद्रुमेषु
पर्यस्तमेतत्सहसोर्मिवेगात् ।
ऊर्ध्वाङ्कुरप्रोतमुखं कथंचि-
त्क्लेशादपक्रामति शङ्खयूथम् ॥
पर्यस्तमेतत्सहसोर्मिवेगात् ।
ऊर्ध्वाङ्कुरप्रोतमुखं कथंचि-
त्क्लेशादपक्रामति शङ्खयूथम् ॥
अन्वयः
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ऊर्मि-वेगात् तव अधर-स्पर्धिषु विद्रुमेषु सहसा पर्यस्तम्, ऊर्ध्व-अङ्कुर-प्रोत-मुखम् एतत् शङ्ख-यूथम् कथंचित् क्लेशात् अपक्रामति ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तवेति॥ तवाधरस्पर्धिषु। अधरसदृशेष्वित्यर्थः। विद्रुमेषु प्रबालेषु सहसोर्मिवेगात्पर्यस्तं प्रोत्क्षिप्तमूर्ध्वाङ्कुरैर्विद्रुमप्ररोहैः प्रोतमुखं स्यूतवदनमेतच्छङ्खानां यूथं वृन्दं कथंचित्क्लेशादपक्रामति। विसम्ब्यापसरतीत्यर्थः ॥
Summary
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"A group of conches, cast by a wave's force onto corals that rival your lips, struggles to move away. Its opening is pierced by an upward-pointing coral sprout, causing it great difficulty."
सारांश
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तुम्हारे अधरों की समता करने वाले मूंगों में लहरों के वेग से फँसे हुए शंखों का समूह बड़ी कठिनाई से उनसे मुक्त हो पा रहा है।
पदच्छेदः
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| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| अधर-स्पर्धिषु | अधर–स्पर्धिन् (७.३) | on the corals that rival (your) lips |
| विद्रुमेषु | विद्रुम (७.३) | on the corals |
| पर्यस्तम् | पर्यस्त (परि√अस्+क्त, १.१) | cast upon |
| एतत् | एतद् (१.१) | this |
| सहसा | सहसा | suddenly |
| ऊर्मि-वेगात् | ऊर्मि–वेग (५.१) | by the force of a wave |
| ऊर्ध्व-अङ्कुर-प्रोत-मुखम् | ऊर्ध्व–अङ्कुर–प्रोत–मुख (१.१) | with its opening pierced by an upward-pointing sprout |
| कथंचित् | कथंचित् | with difficulty |
| क्लेशात् | क्लेश (५.१) | with trouble |
| अपक्रामति | अपक्रामति (अप√क्रम् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | moves away |
| शङ्ख-यूथम् | शङ्ख–यूथ (१.१) | a multitude of conches |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | वा | ध | र | स्प | र्धि | षु | वि | द्रु | मे | षु |
| प | र्य | स्त | मे | त | त्स | ह | सो | र्मि | वे | गात् |
| ऊ | र्ध्वा | ङ्कु | र | प्रो | त | मु | खं | क | थं | चि |
| त्क्ले | शा | द | प | क्रा | म | ति | श | ङ्ख | यू | थम् |
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