कुरुष्व तावत्करभोरु पश्चा-
न्मार्गे मृगप्रेक्षिणि दृष्टिपातम् ।
एषा विदूरीभवतः समुद्रा-
त्सकानना निष्पततीव भूमिः ॥
कुरुष्व तावत्करभोरु पश्चा-
न्मार्गे मृगप्रेक्षिणि दृष्टिपातम् ।
एषा विदूरीभवतः समुद्रा-
त्सकानना निष्पततीव भूमिः ॥
न्मार्गे मृगप्रेक्षिणि दृष्टिपातम् ।
एषा विदूरीभवतः समुद्रा-
त्सकानना निष्पततीव भूमिः ॥
अन्वयः
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करभ-ऊरु! मृग-प्रेक्षिणि! तावत् पश्चात् मार्गे दृष्टि-पातम् कुरुष्व । विदूरी-भवतः समुद्रात् स-कानना एषा भूमिः निष्पतति इव ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
कुरुष्वेति॥
मणिबन्धादाकनिष्ठं करस्य करभो बहिः इत्यमरः। करभ इवोरूयस्याः सा करभोरूः। ऊरूत्तरपदादौपम्ये (अष्टाध्यायी ४.१.६९ ) इत्यङ्। तस्याः संबुद्धिर्हे करभोरू। मृगवत्प्रेक्षत इति विग्रहः। हे मृगप्रेक्षिणि! तावत्पश्चान्मार्गे लङ्घिताध्वनि दृषअटिपातं कुरुष्व। एषा सकानना भूमिर्विदूरीभवतः समुद्रान्निष्पतति निष्क्रामतीव। विदूरशब्दाद्विशेष्यनिघ्नाञ्च्विः ॥
Summary
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"O you with thighs like an elephant's trunk and the gaze of a deer, cast a glance back at the path we've traveled! See how the forested land appears to be flying out from the receding ocean."
सारांश
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हे सुन्दरी! अब पीछे की ओर देखो। पीछे छूटते हुए समुद्र से वन के साथ बाहर निकलती हुई पृथ्वी ऐसी लग रही है मानो वह समुद्र से प्रकट हो रही हो।
पदच्छेदः
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| कुरुष्व | कुरुष्व (√कृ कर्तरि लोट् (आत्मने.) म.पु. एक.) | make |
| तावत् | तावत् | now |
| करभ-ऊरु | करभ–ऊरु (८.१) | O you with thighs like an elephant's trunk |
| पश्चात् | पश्चात् | behind |
| मार्गे | मार्ग (७.१) | on the path |
| मृग-प्रेक्षिणि | मृग–प्रेक्षिणी (८.१) | O you with the gaze of a deer |
| दृष्टि-पातम् | दृष्टि–पात (२.१) | a glance |
| एषा | एतद् (१.१) | this |
| विदूरी-भवतः | विदूरीभवत् (६.१) | from the receding |
| समुद्रात् | समुद्र (५.१) | from the ocean |
| स-कानना | स–कानन (१.१) | with its forests |
| निष्पतति | निष्पतति (निस्√पत् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | is emerging |
| इव | इव | as if |
| भूमिः | भूमि (१.१) | the land |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| कु | रु | ष्व | ता | व | त्क | र | भो | रु | प | श्चा |
| न्मा | र्गे | मृ | ग | प्रे | क्षि | णि | दृ | ष्टि | पा | तम् |
| ए | षा | वि | दू | री | भ | व | तः | स | मु | द्रा |
| त्स | का | न | ना | नि | ष्प | त | ती | व | भू | मिः |
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