एतद्गिरेर्माल्यवतः पुरस्ता-
दाविर्भवत्यम्बरलेखि श्रृङ्गम् ।
नवं पयो यत्र घनैर्मया च
त्वद्विप्रयोगाश्रु समं विसृष्टम् ॥
एतद्गिरेर्माल्यवतः पुरस्ता-
दाविर्भवत्यम्बरलेखि श्रृङ्गम् ।
नवं पयो यत्र घनैर्मया च
त्वद्विप्रयोगाश्रु समं विसृष्टम् ॥
दाविर्भवत्यम्बरलेखि श्रृङ्गम् ।
नवं पयो यत्र घनैर्मया च
त्वद्विप्रयोगाश्रु समं विसृष्टम् ॥
अन्वयः
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माल्यवतः गिरेः एतत् अम्बरलेखि श्रृङ्गम् पुरस्तात् आविर्भवति । यत्र घनैः नवम् पयः, मया च त्वत्-विप्रयोग-अश्रु समम् विसृष्टम् ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
एतदिति॥ माल्यवतो नाम गिरेरम्बरलेख्यभ्रंकषं श्रृङ्गमेतत्पुरस्तादग्र आविर्भवति। यत्र शृङ्गे धनैर्मेघैर्नवं पयो मया त्वद्विप्रयोगेण यदश्रु तञ्च समं युगपद्विसृष्टम्। मेघदर्शनाद्वर्षतुल्यमश्रु विमुक्तमिति भावः ॥
Summary
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Rama points ahead, "Look, the sky-scraping peak of Mount Malyavat appears before us. It was there that the clouds shed fresh rain and I shed tears from the pain of separation from you, both at the same time."
सारांश
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सामने आकाश को छूने वाला यह माल्यवान पर्वत दिखाई दे रहा है, जहाँ बादलों से बरसते नए जल के साथ मैंने तुम्हारे विरह में आँसू बहाए थे।
पदच्छेदः
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| एतत् | एतद् (१.१) | This |
| गिरेः | गिरि (६.१) | of the mountain |
| माल्यवतः | माल्यवत् (६.१) | Malyavat |
| पुरस्तात् | पुरस्तात् | in front |
| आविर्भवति | आविर्भवति (आविस्√भू कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | appears |
| अम्बरलेखि | अम्बर–लेखिन् (१.१) | sky-scraping |
| श्रृङ्गम् | श्रृङ्ग (१.१) | peak |
| नवम् | नव (२.१) | fresh |
| पयः | पयस् (२.१) | water (rain) |
| यत्र | यत्र | where |
| घनैः | घन (३.३) | by the clouds |
| मया | अस्मद् (३.१) | by me |
| च | च | and |
| त्वद्विप्रयोगाश्रु | त्वद्–विप्रयोग–अश्रु (२.१) | tears of separation from you |
| समम् | समम् | simultaneously |
| विसृष्टम् | विसृष्ट (वि√सृज्+क्त, १.१) | was shed |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | त | द्गि | रे | र्मा | ल्य | व | तः | पु | र | स्ता |
| दा | वि | र्भ | व | त्य | म्ब | र | ले | खि | श्रृ | ङ्गम् |
| न | वं | प | यो | य | त्र | घ | नै | र्म | या | च |
| त्व | द्वि | प्र | यो | गा | श्रु | स | मं | वि | सृ | ष्टम् |
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