पुरा स दर्भाङ्कुरमात्रवृत्ति-
श्चरन्मृगैः सार्धमृषिर्मघोनाः ।
समाधिभीतेन किलोपनीतः
पञ्चाप्सरोयौवनकूटबन्धम् ॥
पुरा स दर्भाङ्कुरमात्रवृत्ति-
श्चरन्मृगैः सार्धमृषिर्मघोनाः ।
समाधिभीतेन किलोपनीतः
पञ्चाप्सरोयौवनकूटबन्धम् ॥
श्चरन्मृगैः सार्धमृषिर्मघोनाः ।
समाधिभीतेन किलोपनीतः
पञ्चाप्सरोयौवनकूटबन्धम् ॥
अन्वयः
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पुरा दर्भ-अङ्कुर-मात्र-वृत्तिः मृगैः सार्धम् चरन् सः ऋषिः समाधि-भीतेन मघोना पञ्च-अप्सरः-यौवन-कूट-बन्धम् उपनीतः किल ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
पुरेति॥ पुरा पूर्वस्मिन्काले दर्भाङ्कुरमात्रवृत्तिस्तन्मात्राहारो मृगैः सार्धं सह चरन्, स ऋषिः समाधेस्तपसो भीतेन मघोनेन्द्रेण पञ्चानामप्सरसां यौवनम्।
तद्धितार्थ- (अष्टाध्यायी २.१.५१ ) इत्यादिनोत्तरपदसमासः। तदेव कूटबन्धं कपटयन्त्रमुपनीतः। उन्माथः कूटयन्त्रं स्यात् इत्यमरः (अमरकोशः २.१०.२६ ) । किलइत्यैतिह्ये मृगसाहचर्यान्मृगवदेव बद्ध इति भावः ॥
Summary
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It is said that formerly, this sage, who subsisted only on grass sprouts and wandered with the deer, was led into the ensnaring trap of the youth of five Apsaras by Indra, who was afraid of the power of his deep meditation.
सारांश
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प्राचीन काल में केवल दर्भांकुर खाकर मृगों के साथ रहने वाले उन ऋषि की तपस्या से डरकर इंद्र ने उन्हें लुभाने के लिए पाँच अप्सराओं को उनके पास भेजा था।
पदच्छेदः
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| पुरा | पुरा | Formerly |
| सः | तद् (१.१) | he |
| दर्भाङ्कुरमात्रवृत्तिः | दर्भ–अङ्कुर–मात्र–वृत्ति (१.१) | subsisting only on sprouts of Darbha grass |
| चरन् | चरत् (√चर्+शतृ, १.१) | wandering |
| मृगैः | मृग (३.३) | with deer |
| सार्धम् | सार्धम् | with |
| ऋषिः | ऋषि (१.१) | the sage |
| मघोना | मघवन् (३.१) | by Indra (Maghavan) |
| समाधिभीतेन | समाधि–भीत (३.१) | who was afraid of his deep meditation |
| किल | किल | indeed |
| उपनीतः | उपनीत (उप√नी+क्त, १.१) | was led into |
| पञ्चाप्सरोयौवनकूटबन्धम् | पञ्चन्–अप्सरस्–यौवन–कूट–बन्ध (२.१) | the ensnaring trap of the youth of the five Apsaras |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पु | रा | स | द | र्भा | ङ्कु | र | मा | त्र | वृ | त्ति |
| श्च | र | न्मृ | गैः | सा | र्ध | मृ | षि | र्म | घो | नाः |
| स | मा | धि | भी | ते | न | कि | लो | प | नी | तः |
| प | ञ्चा | प्स | रो | यौ | व | न | कू | ट | ब | न्धम् |
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