अथ प्रजानामधिपः प्रभाते
जायाप्रतिग्राहितगन्धमाल्याम् ।
वनाय पीतप्रतिबद्धवत्सां
यशोधनो धेनुमृषेर्मुमोच ॥
अथ प्रजानामधिपः प्रभाते
जायाप्रतिग्राहितगन्धमाल्याम् ।
वनाय पीतप्रतिबद्धवत्सां
यशोधनो धेनुमृषेर्मुमोच ॥
जायाप्रतिग्राहितगन्धमाल्याम् ।
वनाय पीतप्रतिबद्धवत्सां
यशोधनो धेनुमृषेर्मुमोच ॥
अन्वयः
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अथ प्रभाते प्रजानाम् अधिपः यशोधनः जायाप्रतिग्राहितगन्धमाल्याम् पीतप्रतिबद्धवत्साम् ऋषेः धेनुम् वनाय मुमोच।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
अथेति॥ अथ निशानयनानन्तरं यशोधनः प्रजानामधिपः प्रजेश्वरः प्रभाते प्रातःकाले जायया सुदक्षिणया प्रतिग्राहयित्र्या। प्रतिग्राहिते स्वीकारिते गन्धमाल्ये यया सा जायाप्रतिग्राहितगन्धमाल्या। तां तथोक्तम्। पीतं पानमस्यास्तीति पीतः। पीतवानित्यर्थः।
अर्शआदिभ्योऽच् (अष्टाध्यायी ५.२.१२७ ) इत्यच्प्रत्ययः। पीता गावो भुक्ता ब्राह्मणाः इति महाभाष्ये दर्शनात्। पीतः प्रतिबद्धो वत्सो यस्यास्तामृषेर्धेनुं वनाय वनं गन्तुम्। क्रियार्थोपपद- (अष्टाध्यायी २.३.१४ ) इत्यादिना चतुर्थी। मुमोच मुक्तवान्। जायां पदसामर्थ्यात्सुदक्षिणायाः पुत्रजननयोग्यत्वमनुसंधेयम्। तथा हि श्रुतिः-पतिर्जायां प्रविशति गर्भो भूत्वेह मातरम्। तस्यां पुनर्नवो भूत्वा दशमे मासि जायते। तज्जाया जाया भवति यदस्यां जायते पुनः। इति। यशोधन इत्यनेन पुत्रवत्ताकीर्तिलोभाद्राजानर्हे गोरक्षणे प्रवृत्त इति गम्यते। अस्मिन्सर्गे वृत्तमुपजातिः-अनन्तरोदीरितलक्ष्मभाजौ पादौ यदीयावुपजातयस्ताःइति ॥
Summary
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The next morning, King Dilīpa, whose true wealth was his reputation, released Vasiṣṭha's cow Nandinī to graze in the forest. Before her departure, the queen had honored her with perfumes and garlands, and her calf had been fed and secured.
सारांश
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प्रभात होने पर प्रजा के रक्षक राजा दिलीप ने अपनी पत्नी द्वारा गंध और मालाओं से पूजित वशिष्ठ की उस गाय को वन में चरने के लिए छोड़ दिया, जिसका बछड़ा दूध पी चुका था।
पदच्छेदः
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| अथ | अथ | then |
| प्रजानाम् | प्रजा (६.३) | of the subjects |
| अधिपः | अधिप (अधि√पा+क, १.१) | the lord |
| प्रभाते | प्रभात (७.१) | at dawn |
| जायाप्रतिग्राहितगन्धमाल्याम् | जाया–प्रतिग्राहित (प्रति√ग्रह+क्त)–गन्ध–माल्य (२.१) | to whom scents and garlands were offered by the wife |
| वनाय | वन (४.१) | for the forest |
| पीतप्रतिबद्धवत्साम् | पीत (√पा+क्त)–प्रतिबद्ध (प्रति√बन्ध+क्त)–वत्स (२.१) | whose calf had finished drinking and was tied up |
| यशोधनः | यशस्–धन (१.१) | whose wealth is fame |
| धेनुम् | धेनु (२.१) | the cow |
| ऋषेः | ऋषि (६.१) | of the sage |
| मुमोच | मुमोच (√मुच् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | released |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | थ | प्र | जा | ना | म | धि | पः | प्र | भा | ते |
| जा | या | प्र | ति | ग्रा | हि | त | ग | न्ध | मा | ल्याम् |
| व | ना | य | पी | त | प्र | ति | ब | द्ध | व | त्सां |
| य | शो | ध | नो | धे | नु | मृ | षे | र्मु | मो | च |
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