तदाप्रभृत्येव वनद्विपानां
त्रासार्थमस्मिन्नहमद्रिकुक्षौ ।
व्यापारितः शूलभृता विधाय
सिंहत्वमङ्कागतसत्त्ववृत्ति ॥
तदाप्रभृत्येव वनद्विपानां
त्रासार्थमस्मिन्नहमद्रिकुक्षौ ।
व्यापारितः शूलभृता विधाय
सिंहत्वमङ्कागतसत्त्ववृत्ति ॥
त्रासार्थमस्मिन्नहमद्रिकुक्षौ ।
व्यापारितः शूलभृता विधाय
सिंहत्वमङ्कागतसत्त्ववृत्ति ॥
अन्वयः
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तदा-प्रभृति एव शूल-भृता अङ्क-आगत-सत्त्व-वृत्ति (माम्) सिंहत्वम् विधाय वन-द्विपानाम् त्रास-अर्थम् अस्मिन् अद्रि-कुक्षौ अहम् व्यापारितः।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तदेति॥ तदा तत्कालः प्रभृतिरादिर्यस्मिन्कर्मणि तत्तथा तदाप्रभृत्येव वनद्विपानां त्रासार्थं भयार्थं शूलभृता शिवेन । अङ्गंसमीपमागताः प्राप्ताः सत्त्वाः प्राणिनो वृत्तिर्यस्मिंस्तत्।
अङ्कः समीप उत्सङ्गे चिह्ने स्थानापराधयोः इति केशवः। सिंहत्वं विधाय। अस्मिन्नद्रिकुक्षौ गुहायामहं व्यापारितो नियुक्तः ॥
Summary
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"From that time onwards, the trident-bearer (Shiva) appointed me in this mountain cave to frighten away wild elephants, having given me the form of a lion whose sustenance is any creature that comes within my reach."
सारांश
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तभी से भगवान शिव ने मुझे सिंह रूप देकर यहाँ हाथियों को डराने के लिए नियुक्त किया है। यहाँ स्वयं चलकर आए प्राणी ही मेरा आहार होते हैं।
पदच्छेदः
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| तदा-प्रभृति | तदाप्रभृति | from that time onwards |
| एव | एव | itself |
| वन-द्विपानाम् | वन–द्विप (६.३) | of the wild elephants |
| त्रास-अर्थम् | त्रास–अर्थ | for the purpose of frightening |
| अस्मिन् | इदम् (७.१) | in this |
| अहम् | अस्मद् (१.१) | I |
| अद्रि-कुक्षौ | अद्रि–कुक्षि (७.१) | in the cave of the mountain |
| व्यापारितः | व्यापारित (वि+आ√पृ+णिच्+क्त, १.१) | was appointed |
| शूल-भृता | शूल–भृत् (३.१) | by the trident-bearer (Shiva) |
| विधाय | विधाय (वि√धा+ल्यप्) | having made |
| सिंहत्वम् | सिंहत्व (२.१) | the state of being a lion |
| अङ्क-आगत-सत्त्व-वृत्ति | अङ्क–आगत–सत्त्व–वृत्ति (२.१) | whose living is on creatures that come into my vicinity |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | दा | प्र | भृ | त्ये | व | व | न | द्वि | पा | नां |
| त्रा | सा | र्थ | म | स्मि | न्न | ह | म | द्रि | कु | क्षौ |
| व्या | पा | रि | तः | शू | ल | भृ | ता | वि | धा | य |
| सिं | ह | त्व | म | ङ्का | ग | त | स | त्त्व | वृ | त्ति |
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