तद्रक्ष कल्याणपरम्पराणां
भोक्तारमूर्जस्वलमात्मदेहम् ।
महीतलस्पर्शनमात्रभिन्न-
मृद्धं हि राज्यं पदमैन्द्रमाहुः ॥
तद्रक्ष कल्याणपरम्पराणां
भोक्तारमूर्जस्वलमात्मदेहम् ।
महीतलस्पर्शनमात्रभिन्न-
मृद्धं हि राज्यं पदमैन्द्रमाहुः ॥
भोक्तारमूर्जस्वलमात्मदेहम् ।
महीतलस्पर्शनमात्रभिन्न-
मृद्धं हि राज्यं पदमैन्द्रमाहुः ॥
अन्वयः
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तत् कल्याणपरम्पराणाम् भोक्तारम् ऊर्जस्वलम् आत्मदेहम् रक्ष। हि ऋद्धम् राज्यम् महीतलस्पर्शनमात्रभिन्नम् ऐन्द्रम् पदम् आहुः।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तदिति॥ तत्तस्मात्कारणात् कल्याणपरम्पराणां भोक्तारम्। कर्मणि षष्ठी। ऊर्जो बलमस्यास्तीत्यूर्जस्वलम्।
ज्योत्स्नातमिस्रा- (अष्टाध्यायी ५.२.११४ ) इत्यादिना बलच्प्रत्ययान्तो निपातः। आत्मदेहं रक्ष। ननु गामुपेक्ष्यात्मदेहरक्षणे स्वर्गहानिः स्यात्। नेत्याह-महीतलेति। ऋद्धं समृद्धं राज्यं महीतलस्पर्शनमात्रेण भूतलसंबन्धमात्रेण भिन्नमैन्द्रमिन्द्रसंबन्धि पदं स्थानमाहुः। स्वर्गान्न भिद्यत इत्यर्थः॥
Summary
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"Therefore, protect your own vigorous body, the enjoyer of a series of fortunes. For a prosperous kingdom is said to be the very state of Indra, differing only in that it touches the surface of the earth."
सारांश
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अतः सुखों का भोग करने वाले अपने इस शक्तिशाली शरीर की रक्षा करें। विद्वान पृथ्वी के समृद्ध राज्य को स्वर्ग के इंद्रपद के ही समान वैभवशाली मानते हैं।
पदच्छेदः
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| तत् | तत् | Therefore |
| रक्ष | रक्ष (√रक्ष् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | protect |
| कल्याणपरम्पराणाम् | कल्याण–परम्परा (६.३) | of a series of fortunes |
| भोक्तारम् | भोक्तृ (२.१) | the enjoyer |
| ऊर्जस्वलम् | ऊर्जस्वल (२.१) | vigorous |
| आत्मदेहम् | आत्म–देह (२.१) | your own body |
| महीतलस्पर्शनमात्रभिन्नम् | महीतल–स्पर्शन–मात्र–भिन्न (२.१) | differing only by its contact with the earth's surface |
| ऋद्धम् | ऋद्ध (२.१) | a prosperous |
| हि | हि | For |
| राज्यम् | राज्य (२.१) | kingdom |
| पदम् | पद (२.१) | the state |
| ऐन्द्रम् | ऐन्द्र (२.१) | of Indra |
| आहुः | आहुः (√अह् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | they say |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | द्र | क्ष | क | ल्या | ण | प | र | म्प | रा | णां |
| भो | क्ता | र | मू | र्ज | स्व | ल | मा | त्म | दे | हम् |
| म | ही | त | ल | स्प | र्श | न | मा | त्र | भि | न्न |
| मृ | द्धं | हि | रा | ज्यं | प | द | मै | न्द्र | मा | हुः |
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