स नन्दिनीस्तन्यमनिन्दितात्मा
सद्वत्सलो वत्सहुतावशेषम् ।
पपौ वसिष्ठेन कृताभ्यनुज्ञः
शुभ्रं यशो मूर्तमिवातितृष्णः ॥
स नन्दिनीस्तन्यमनिन्दितात्मा
सद्वत्सलो वत्सहुतावशेषम् ।
पपौ वसिष्ठेन कृताभ्यनुज्ञः
शुभ्रं यशो मूर्तमिवातितृष्णः ॥
सद्वत्सलो वत्सहुतावशेषम् ।
पपौ वसिष्ठेन कृताभ्यनुज्ञः
शुभ्रं यशो मूर्तमिवातितृष्णः ॥
अन्वयः
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अनिन्दित-आत्मा सत्-वत्सलः सः वसिष्ठेन कृत-अभ्यनुज्ञः (सन्) अति-तृष्णः (सन्) वत्स-हुत-अवशेषम् नन्दिनी-स्तन्यम् मूर्तम् शुभ्रम् यशः इव पपौ ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
स इति॥ अनिन्दितात्माऽगर्हितस्वभावः। सत्सु वत्सलः प्रेमवान् सद्वत्सलः।
वत्सांसाभ्यां कामबले (अष्टाध्यायी ५.२.९८ ) इति लच्प्रत्ययः। वसिष्ठेन कृताभ्यनुज्ञः कृतानुमतिः स राजा वत्सस्य हुतस्य चावशेषं पीतहुतावशिष्टं नन्दिन्याः स्तन्यं क्षीरम्। शुभ्रं मूर्तं परिच्छिन्नं यश इव। अतितृष्णः सन्पपौ ॥
Summary
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That blameless king, affectionate towards the virtuous, having been given permission by Vasishtha, drank with great thirst the milk of Nandini, which was the remainder after her calf had fed and the sacrificial offerings were made. He drank it as if it were his own pure fame, embodied and white.
सारांश
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महर्षि वसिष्ठ की आज्ञा पाकर राजा ने बछड़े और होम के बाद शेष बचे हुए नंदिनी के दूध का पान किया, जो मूर्तरूप श्वेत यश के समान जान पड़ता था।
पदच्छेदः
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| सः | तद् (१.१) | he |
| नन्दिनीस्तन्यम् | नन्दिनी–स्तन्य (२.१) | Nandini's milk |
| अनिन्दितात्मा | अनिन्दित–आत्मन् (१.१) | he of blameless soul |
| सद्वत्सलः | सत्–वत्सल (१.१) | affectionate to the good |
| वत्सहुतावशेषम् | वत्स–हुत–अवशेष (२.१) | the remainder after the calf and the oblation |
| पपौ | पपौ (√पा कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | drank |
| वसिष्ठेन | वसिष्ठ (३.१) | by Vasishtha |
| कृताभ्यनुज्ञः | कृत–अभ्यनुज्ञा (१.१) | one who was given permission |
| शुभ्रम् | शुभ्र (२.१) | white |
| यशः | यशस् (२.१) | fame |
| मूर्तम् | मूर्त (√मूर्त्+क्त, २.१) | embodied |
| इव | इव | like |
| अतितृष्णः | अतितृष्ण (१.१) | very thirsty |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | न | न्दि | नी | स्त | न्य | म | नि | न्दि | ता | त्मा |
| स | द्व | त्स | लो | व | त्स | हु | ता | व | शे | षम् |
| प | पौ | व | सि | ष्ठे | न | कृ | ता | भ्य | नु | ज्ञः |
| शु | भ्रं | य | शो | मू | र्त | मि | वा | ति | तृ | ष्णः |
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