कुमारभृत्याकुशलैरनुष्ठिते
भिषग्भिराप्तैरथ गर्भभर्मणि ।
पतिः प्रतीतः प्रसवोन्मुखीं प्रियां
ददर्श काले दिवमभ्रितामिव ॥
कुमारभृत्याकुशलैरनुष्ठिते
भिषग्भिराप्तैरथ गर्भभर्मणि ।
पतिः प्रतीतः प्रसवोन्मुखीं प्रियां
ददर्श काले दिवमभ्रितामिव ॥
भिषग्भिराप्तैरथ गर्भभर्मणि ।
पतिः प्रतीतः प्रसवोन्मुखीं प्रियां
ददर्श काले दिवमभ्रितामिव ॥
अन्वयः
AI
अथ आप्तैः कुमारभृत्या-कुशलैः भिषग्भिः गर्भ-भर्मणि अनुष्ठिते (सति), प्रतीतः पतिः काले प्रसव-उन्मुखीं प्रियां अभ्रितां दिवम् इव ददर्श ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
कुमारेति॥ अथ । कुमारभृत्या बालचिकित्सा।
संज्ञायां समजनिषद- (अष्टाध्यायी ३.३.९९ ) इत्यादिना क्यप्। तस्यां कुशलैः कृतिभिः। कृती कृशलः इत्यमरः (अमरकोशः २.६.५७ ) । आप्तैर्हितैर्भिषग्भिर्वैद्यैः। भिषग्वैद्यौ चिकित्सकौ इत्यमरः (अमरकोशः २.६.५७ ) । गर्भस्य भर्मणि भरणे। भरणे पोषणे भर्म इति हैमः। भृतिर्भर्म इति शाश्वतः। मृञो मनिच्प्रत्ययः। गर्भकर्मणिइति पाठे गर्भाधानप्रतीतावौचित्यभङ्गः। अनुष्ठिते कृते सति। काले दशमे मासि। अन्यत्र, ग्रीष्मावसाने। प्रसवस्य गर्भमोवनस्योन्मुखीम्। आसन्नप्रसवामित्यर्थः। स्यादुत्पादे फले पुष्पे प्रसवो गर्भमोचने इत्यमरः (अमरकोशः ३.३.२१९ ) । प्रियां भार्याम्। अभ्राण्यस्याः संजातान्यभ्रिता ताम्। तदस्य संजातं तारकादिभ्य इतच् (अष्टाध्यायी ५.२.३६ ) इतीतच्प्रत्ययः। दिवमिव। पतिर्भर्ता प्रतीतो हृष्टः सन्। दिवः ख्याते हृष्टे प्रतीतः इत्यमरः (अमरकोशः २.६.५७ ) । ददर्श दृष्टवान्॥
Summary
AI
Then, when the prenatal care was duly performed by trusted physicians skilled in childcare, the confident husband, at the proper time, saw his beloved queen ready for delivery, looking like a sky laden with clouds, ready to shower rain.
सारांश
AI
कुशल वैद्यों द्वारा गर्भ की रक्षा के उपाय किए जाने के बाद, प्रसव का समय आने पर राजा ने अपनी पत्नी को जल से भरे बादलों से युक्त आकाश के समान देखा।
पदच्छेदः
AI
| अथ | अथ | Then |
| आप्तैः | आप्त (३.३) | by the trusted |
| कुमारभृत्याकुशलैः | कुमार–भृत्या–कुशल (३.३) | by those skilled in childcare |
| भिषग्भिः | भिषज् (३.३) | by physicians |
| गर्भभर्मणि | गर्भभर्मन् (७.१) | in the care of the womb |
| अनुष्ठिते | अनुष्ठित (अनु√स्था+क्त, ७.१) | when it was performed |
| प्रतीतः | प्रतीत (प्रति√इ+क्त, १.१) | confident |
| पतिः | पति (१.१) | the husband |
| काले | काल (७.१) | at the due time |
| प्रसवोन्मुखीं | प्रसव–उन्मुखी (२.१) | who was ready for delivery |
| प्रियां | प्रिया (२.१) | his beloved |
| अभ्रिताम् | अभ्रित (२.१) | cloud-laden |
| दिवम् | दिव् (२.१) | the sky |
| इव | इव | like |
| ददर्श | ददर्श (√दृश् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | saw |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| कु | मा | र | भृ | त्या | कु | श | लै | र | नु | ष्ठि | ते |
| भि | ष | ग्भि | रा | प्तै | र | थ | ग | र्भ | भ | र्म | णि |
| प | तिः | प्र | ती | तः | प्र | स | वो | न्मु | खीं | प्रि | यां |
| द | द | र्श | का | ले | दि | व | म | भ्रि | ता | मि | व |
| ज | त | ज | र | ||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.