निधानगर्भामिव सागराम्बरां
शमीमिवाभ्यन्तरलीनपावकाम् ।
नदीमिवान्तःसलिलां सरस्वतीं
नृपः ससत्त्वां महिषीममन्यत ॥
निधानगर्भामिव सागराम्बरां
शमीमिवाभ्यन्तरलीनपावकाम् ।
नदीमिवान्तःसलिलां सरस्वतीं
नृपः ससत्त्वां महिषीममन्यत ॥
शमीमिवाभ्यन्तरलीनपावकाम् ।
नदीमिवान्तःसलिलां सरस्वतीं
नृपः ससत्त्वां महिषीममन्यत ॥
अन्वयः
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नृपः स-सत्त्वाम् महिषीम्, निधान-गर्भाम् सागर-अम्बराम् (भूमिम्) इव, अभ्यन्तर-लीन-पावकाम् शमीम् इव, अन्तः-सलिलाम् सरस्वतीम् नदीम् इव, अमन्यत ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
निधानेति॥ नृपः ससत्त्वामापन्नसत्त्वाम्। गर्भिणीमित्यर्थः।
आपन्नसत्त्वा स्याद्गुर्विण्यन्तर्वत्नी च गर्भिणी इत्यमरः (अमरकोशः २.६.२२ ) । महिषीम्। निधानं निधिर्गर्भे यस्यास्तां सागराम्बरां समुद्रवसनाम्। भूमिमिवेत्यर्थः;भूतधात्री रत्नगर्भा विपुला सागराम्बरा इति कोशः। अभ्यन्तरे लीनः पावको यस्यास्तां शमीमिव। शमीतरौ वह्निरस्तीत्यत्र लिङ्गं-शमीगर्भादग्निं मथ्नन्तीति। अन्तः सलिलामन्तर्गतजलां सरस्वतीं नदीमिव। अमन्यत। एतेन गर्भस्य भाग्यवत्त्व-तेजस्वित्व-पावनत्वानि विवक्षितानि ॥
Summary
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The king regarded his pregnant queen as being like the ocean-girdled Earth with treasure in its womb, like a Shami tree with fire hidden within, and like the river Sarasvati with its waters flowing unseen underground.
सारांश
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राजा ने अपनी गर्भवती पत्नी को रत्नगर्भा पृथ्वी, भीतर अग्नि छिपाए रखने वाली शमी वृक्ष की समिधा और अंतःसलिला सरस्वती नदी के समान पवित्र एवं शक्ति संपन्न माना।
पदच्छेदः
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| निधानगर्भामिव | निधान–गर्भा (२.१)–इव | like the one with treasure in her womb |
| सागराम्बरां | सागर–अम्बरा (२.१) | the ocean-girdled (Earth) |
| शमीमिवाभ्यन्तरलीनपावकाम् | शमी (२.१)–इव–अभ्यन्तर–लीन–पावका (२.१) | like a Shami tree with fire hidden within |
| नदीमिवान्तःसलिलां | नदी (२.१)–इव–अन्तः–सलिला (२.१) | like a river with water inside |
| सरस्वतीं | सरस्वती (२.१) | the Sarasvati |
| नृपः | नृप (१.१) | the king |
| ससत्त्वां | ससत्त्वा (२.१) | the pregnant |
| महिषीम् | महिषी (२.१) | queen |
| अमन्यत | अमन्यत (√मन् कर्तरि लङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | regarded |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नि | धा | न | ग | र्भा | मि | व | सा | ग | रा | म्ब | रां |
| श | मी | मि | वा | भ्य | न्त | र | ली | न | पा | व | काम् |
| न | दी | मि | वा | न्तः | स | लि | लां | स | र | स्व | तीं |
| नृ | पः | स | स | त्त्वां | म | हि | षी | म | म | न्य | त |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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