एतावदुक्त्वा प्रतियातुकामं
शिष्यं महर्षेर्नृपतिर्निषिध्य ।
किं वस्तु विद्वन्गुरवे प्रदेयं
त्वया कियद्वेति तमन्वयुक्तः ॥
एतावदुक्त्वा प्रतियातुकामं
शिष्यं महर्षेर्नृपतिर्निषिध्य ।
किं वस्तु विद्वन्गुरवे प्रदेयं
त्वया कियद्वेति तमन्वयुक्तः ॥
शिष्यं महर्षेर्नृपतिर्निषिध्य ।
किं वस्तु विद्वन्गुरवे प्रदेयं
त्वया कियद्वेति तमन्वयुक्तः ॥
अन्वयः
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एतावत् उक्त्वा प्रतियातुकामं महर्षेः शिष्यं निषिध्य, नृपतिः तम् "विद्वन्! त्वया गुरवे किं वस्तु प्रदेयम्? कियत् वा?" इति अन्वयुक्त।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
एतावदिति॥ एतावद्वाक्यमुक्त्वा प्रतियातुं कामो यस्य तं प्रतियातुकामं गन्तुकामम् ।
तुं काममनसोरपि इति मकारलोपः। महर्षेर्वरतन्तोः शिष्यं कौत्सं नृपती रघुर्निषिध्य निवार्य, हे विद्वन्! त्वया गुरवे प्रदेयं वस्तु किं किमात्मकं कियत् किंपरिमाणं वा? इत्येवं तं कौत्समन्वयुङ्क्तापृच्छत्। प्रश्नोऽनुयोगः पृच्छा च इत्यमरः (अमरकोशः १.६.१० ) ॥
Summary
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Having said this much, as the sage's disciple was about to leave, the king stopped him. He then asked him, "O learned one, what object is to be given by you to your guru, and how much of it?"
सारांश
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जाने के लिए उद्यत कौत्स को राजा रघु ने रोका और उनसे पूछा कि आपको गुरु को दक्षिणा स्वरूप कौन सी वस्तु और कितनी मात्रा में देनी है?
पदच्छेदः
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| एतावत् | एतावत् (२.१) | This much |
| उक्त्वा | उक्त्वा (√वच्+क्त्वा) | having said |
| प्रतियातुकामम् | प्रतियातु–काम (२.१) | who was desirous of returning |
| शिष्यम् | शिष्य (२.१) | the disciple |
| महर्षेः | महर्षि (६.१) | of the great sage |
| नृपतिः | नृपति (१.१) | the king |
| निषिध्य | निषिध्य (नि√सिध्+ल्यप्) | having stopped |
| किम् | किम् (१.१) | what |
| वस्तु | वस्तु (१.१) | object |
| विद्वन् | विद्वस् (८.१) | O learned one |
| गुरवे | गुरु (४.१) | to the guru |
| प्रदेयम् | प्रदेय (प्र√दा+यत्, १.१) | is to be given |
| त्वया | युष्मद् (३.१) | by you |
| कियत् | कियत् (१.१) | how much |
| वा | वा | or |
| इति | इति | thus |
| तम् | तद् (२.१) | him |
| अन्वयुक्त | अन्वयुक्त (अनु√युज् कर्तरि लुङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | asked |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | ता | व | दु | क्त्वा | प्र | ति | या | तु | का | मं |
| शि | ष्यं | म | ह | र्षे | र्नृ | प | ति | र्नि | षि | ध्य |
| किं | व | स्तु | वि | द्व | न्गु | र | वे | प्र | दे | यं |
| त्व | या | कि | य | द्वे | ति | त | म | न्व | यु | क्तः |
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