समाप्तविद्येन मया महर्षि-
र्विज्ञापितोऽभूद्गुरुदक्षिणायै ।
स मे चिरायास्खलितोपचारां
तां भक्तिमेवागणयत्पुरस्तात् ॥
समाप्तविद्येन मया महर्षि-
र्विज्ञापितोऽभूद्गुरुदक्षिणायै ।
स मे चिरायास्खलितोपचारां
तां भक्तिमेवागणयत्पुरस्तात् ॥
र्विज्ञापितोऽभूद्गुरुदक्षिणायै ।
स मे चिरायास्खलितोपचारां
तां भक्तिमेवागणयत्पुरस्तात् ॥
अन्वयः
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समाप्तविद्येन मया गुरुदक्षिणायै महर्षिः विज्ञापितः अभूत्। सः पुरस्तात् मे चिराय अस्खलित-उपचाराम् ताम् भक्तिम् एव अगणयत्।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
समाप्तेति॥ समाप्तविद्येन मया महर्षिर्गुरुदक्षिणायै गुरुदक्षिणास्वीकारार्थं विज्ञापितोऽभूत्। स च गुरुश्चिरायास्खलितोपचारां तां दुष्करां मे भक्तिमेव पुरस्तात् प्रथमम्। अगणयत् संख्यातवान्। भक्त्यैव संतुष्टः, किं दक्षिणयेत्युक्तवानित्यर्थः। अथवा, -भक्तिमेव तां दक्षिणामगणयदिति योज्यम् ॥
Summary
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"Having completed my studies, I requested the great sage (Vartantu) about the teacher's fee. But he, at first, considered only my long-standing, unwavering service and devotion as the fee itself."
सारांश
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कौत्स बोले कि शिक्षा पूर्ण होने पर जब मैंने गुरु से दक्षिणा के लिए आग्रह किया, तो उन्होंने मेरी दीर्घकालीन निष्काम सेवा को ही पर्याप्त दक्षिणा माना था।
पदच्छेदः
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| समाप्तविद्येन | समाप्त–विद्य (३.१) | by me who had completed my studies |
| मया | अस्मद् (३.१) | by me |
| महर्षिः | महर्षि (१.१) | the great sage |
| विज्ञापितः | विज्ञापित (वि√ज्ञा+णिच्+क्त, १.१) | was requested |
| अभूत् | अभूत् (√भू कर्तरि लुङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | was |
| गुरुदक्षिणायै | गुरु–दक्षिणा (४.१) | for the guru's fee |
| सः | तद् (१.१) | He |
| मे | अस्मद् (६.१) | my |
| चिराय | चिराय | long-standing |
| अस्खलितोपचाराम् | अस्खलित–उपचार (२.१) | unwavering service |
| ताम् | तद् (२.१) | that |
| भक्तिम् | भक्ति (२.१) | devotion |
| एव | एव | only |
| अगणयत् | अगणयत् (√गण् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | considered |
| पुरस्तात् | पुरस्तात् | at first |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | मा | प्त | वि | द्ये | न | म | या | म | ह | र्षि |
| र्वि | ज्ञा | पि | तो | ऽभू | द्गु | रु | द | क्षि | णा | यै |
| स | मे | चि | रा | या | स्ख | लि | तो | प | चा | रां |
| तां | भ | क्ति | मे | वा | ग | ण | य | त्पु | र | स्तात् |
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