इत्थं द्विजेन द्विजराजकान्ति-
रावेदितो वेदविदां वरेण ।
एनोनिवृत्तेन्द्रियवृत्तिरेनं
जगाद भूयो जगदेकनाथः ॥
इत्थं द्विजेन द्विजराजकान्ति-
रावेदितो वेदविदां वरेण ।
एनोनिवृत्तेन्द्रियवृत्तिरेनं
जगाद भूयो जगदेकनाथः ॥
रावेदितो वेदविदां वरेण ।
एनोनिवृत्तेन्द्रियवृत्तिरेनं
जगाद भूयो जगदेकनाथः ॥
अन्वयः
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इत्थं वेद-विदाम् वरेण द्विजेन आवेदितः, द्विजराज-कान्तिः, एनः-निवृत्त-इन्द्रिय-वृत्तिः, जगत्-एक-नाथः (रघुः) एनं भूयः जगाद।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
इत्थमिति॥ द्विजराजकान्तिश्चन्द्रकान्तिः।
द्विजराजः शशधरो नक्षत्रेशः क्षपाकरैः इत्यमरः (अमरकोशः १.३.१७ ) । तस्मात्सोमो राजा नो ब्राब्मणानाम्इति श्रुतेः। द्विजराजकान्तित्वेनार्थावाप्तिवैराग्यं वारयति। एनसः पापान्निवृत्तेन्द्रियवृत्तिर्यस्य स जगदेकनाथो रघुर्वेदविदां वरेण श्रेष्ठेन द्विजेन कौत्सेन। इत्थमावेदितो निवेदितः सन्। एनं कौत्सं भूयः पुनर्जगाद ॥
Summary
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Thus informed by the Brahmana, who was the best among the knowers of the Vedas, Raghu—who had the radiance of the moon, whose senses were turned away from sin, and who was the sole lord of the world—spoke to him again.
सारांश
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चंद्रमा के समान कान्ति वाले और इंद्रियों को वश में करने वाले जगदीश्वर राजा रघु ने विद्वानों में श्रेष्ठ ब्राह्मण कौत्स की बात सुनकर उनसे पुनः यह वचन कहे।
पदच्छेदः
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| इत्थम् | इत्थम् | Thus |
| द्विजेन | द्विज (३.१) | by the Brahmana |
| द्विजराजकान्तिः | द्विजराज–कान्ति (१.१) | he who had the radiance of the moon |
| आवेदितः | आवेदित (आ√विद्+णिच्+क्त, १.१) | informed |
| वेदविदाम् | वेद–विद् (६.३) | of the knowers of the Vedas |
| वरेण | वर (३.१) | by the best |
| एनोनिवृत्तेन्द्रियवृत्तिः | एनस्–निवृत्त–इन्द्रिय–वृत्ति (१.१) | he whose senses were turned away from sin |
| एनम् | इदम् (२.१) | him |
| जगाद | जगाद (√गद् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | spoke |
| भूयः | भूयस् | again |
| जगदेकनाथः | जगत्–एक–नाथ (१.१) | the sole lord of the world |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| इ | त्थं | द्वि | जे | न | द्वि | ज | रा | ज | का | न्ति |
| रा | वे | दि | तो | वे | द | वि | दां | व | रे | ण |
| ए | नो | नि | वृ | त्ते | न्द्रि | य | वृ | त्ति | रे | नं |
| ज | गा | द | भू | यो | ज | ग | दे | क | ना | थः |
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