तं श्लाघ्यसंबन्धमसौ विचिन्त्य
दारक्रियायोग्यदशं च पुत्रम् ।
प्रस्थापयामास ससैन्यमेन-
मृद्धां विदर्भाधिपराजधानीम् ॥
तं श्लाघ्यसंबन्धमसौ विचिन्त्य
दारक्रियायोग्यदशं च पुत्रम् ।
प्रस्थापयामास ससैन्यमेन-
मृद्धां विदर्भाधिपराजधानीम् ॥
दारक्रियायोग्यदशं च पुत्रम् ।
प्रस्थापयामास ससैन्यमेन-
मृद्धां विदर्भाधिपराजधानीम् ॥
अन्वयः
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असौ (रघुः) तम् श्लाघ्यसम्बन्धम्, पुत्रम् च दारक्रियायोग्यदशम् विचिन्त्य, एनम् ससैन्यम् ऋद्धाम् विदर्भाधिपराजधानीम् प्रस्थापयामास ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तमिति॥ असौ रघुस्तं भोजं श्लाघ्यसंबन्धमनूचानत्वादिगुणयोगात्स्पृहणीयसंबन्धं विचिन्त्य विचार्य पुत्रं च दारक्रियायोग्यदशं विवाहयोग्यवयसं विचिन्त्य ससैन्यमेनं पुत्रमृद्धा विदर्भाधिपस्य धानी।
करणाधिकरणयोश्च (अष्टाध्यायी ३.३.११७ ) इत्यधिकरणे ल्युट्प्रत्ययः। राज्ञां धानीति विग्रहः॥
Summary
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Considering that praiseworthy alliance and his son being of a suitable age for marriage, he (Raghu) dispatched him (Aja) with his army to the prosperous capital of the king of Vidarbha.
सारांश
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रघु ने इस श्रेष्ठ संबंध और पुत्र की विवाह योग्य आयु का विचार कर अज को चतुरंगिणी सेना के साथ विदर्भ की समृद्ध राजधानी भेजा।
पदच्छेदः
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| तम् | तद् (२.१) | that |
| श्लाघ्यसम्बन्धम् | श्लाघ्य–सम्बन्ध (२.१) | praiseworthy alliance |
| असौ | अदस् (१.१) | he (Raghu) |
| विचिन्त्य | विचिन्त्य (वि√चिन्त्+ल्यप्) | having considered |
| दारक्रियायोग्यदशम् | दारक्रिया–योग्य–दशा (२.१) | of an age suitable for marriage |
| च | च | and |
| पुत्रम् | पुत्र (२.१) | the son |
| प्रस्थापयामास | प्रस्थापयामास (प्र√स्था +णिच्+आम् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | dispatched |
| ससैन्यम् | स–सैन्य (२.१) | with his army |
| एनम् | इदम् (२.१) | him (Aja) |
| ऋद्धाम् | ऋद्ध (२.१) | prosperous |
| विदर्भाधिपराजधानीम् | विदर्भ–अधिप–राजधानी (२.१) | to the capital of the king of Vidarbha |
छन्दः
इन्द्रवज्रा [११: ततजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तं | श्ला | घ्य | सं | ब | न्ध | म | सौ | वि | चि | न्त्य |
| दा | र | क्रि | या | यो | ग्य | द | शं | च | पु | त्रम् |
| प्र | स्था | प | या | मा | स | स | सै | न्य | मे | न |
| मृ | द्धां | वि | द | र्भा | धि | प | रा | ज | धा | नीम् |
| त | त | ज | ग | ग | ||||||
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