अथोपरिष्टाद्भ्रमरैर्भ्रमद्भिः
प्राक्सूचितान्तःसलिलप्रवेशः ।
निर्धौतदानामलगण्डभित्ति-
र्वन्यः सरित्तो गज उन्ममज्ज ॥
अथोपरिष्टाद्भ्रमरैर्भ्रमद्भिः
प्राक्सूचितान्तःसलिलप्रवेशः ।
निर्धौतदानामलगण्डभित्ति-
र्वन्यः सरित्तो गज उन्ममज्ज ॥
प्राक्सूचितान्तःसलिलप्रवेशः ।
निर्धौतदानामलगण्डभित्ति-
र्वन्यः सरित्तो गज उन्ममज्ज ॥
अन्वयः
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अथ उपरिष्टात् भ्रमद्भिः भ्रमरैः प्राक्-सूचित-अन्तःसलिल-प्रवेशः, निर्धौत-दान-अमल-गण्ड-भित्तिः वन्यः गजः सरित्तः उन्ममज्ज ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
अथेति॥ अथोपरिष्टादूर्ध्वम्।
उपर्युपरिष्टात् (अष्टाध्यायी ५.३.३१ ) इति निपातः। भ्रमद्भिः। मदलोभादिति भावः। भ्रमरैः प्रागुन्मज्जनात्पूर्वं सूचितो ज्ञापितोऽन्तः सलिले प्रवेशो यस्य स तथोक्तः। निर्धौतदाने क्षालितमदे अत एव, अमले गण्डिभित्ती यस्य स तथोक्तः। दानं गजमदे त्यागे इति शाश्वतः। प्रशक्तौ गण्डौ गण्डभित्ती। प्रशंसावचनैश्च (अष्टाध्यायी २.१.६६ ) इति समासः। भित्तिशब्दः प्रशस्तार्थः। तथा च गणरत्नमहोदधौ-ौमतल्लिकोद्धमिश्राः स्युः प्रकाण्डस्थलभित्तयः इति। भित्तिः प्रदेशो वा । भित्तिः प्रदेशे कुड्येऽपि इति विश्वः। निर्धौतदानेनामला गण्डभित्तिर्यस्येति वा। वन्यो गजः सरित्तो नर्मदायाः सकाशात्। पञ्चम्यास्तसिल्प्रत्ययः। उन्ममज्जोत्थितः॥
Summary
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Then, a wild elephant emerged from the river. Its presence in the water had been indicated beforehand by the hovering bees above, and its temple-walls were clean, its ichor having been washed away.
सारांश
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तभी भौरों के गुंजन से संकेतित एक जंगली हाथी नदी के जल से बाहर निकला, जिसके मदजल से धुले हुए कपोल अत्यंत स्वच्छ और चमक रहे थे।
पदच्छेदः
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| अथ | अथ | then |
| उपरिष्टात् | उपरिष्टात् | from above |
| भ्रमरैः | भ्रमर (३.३) | by bees |
| भ्रमद्भिः | भ्रमत् (√भ्रम्+शतृ, ३.३) | hovering |
| प्राक्सूचितान्तःसलिलप्रवेशः | प्राक्–सूचित–अन्तःसलिल–प्रवेश (१.१) | whose entry into the water was previously indicated |
| निर्धौतदानामलगण्डभित्तिः | निर्धौत–दान–अमल–गण्ड–भित्ति (१.१) | whose temple-walls were clean from the washing away of ichor |
| वन्यः | वन्य (१.१) | wild |
| सरित्तः | सरित् (५.१) | from the river |
| गजः | गज (१.१) | elephant |
| उन्ममज्ज | उन्ममज्ज (उद्√मस्ज् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | emerged |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | थो | प | रि | ष्टा | द्भ्र | म | रै | र्भ्र | म | द्भिः |
| प्रा | क्सू | चि | ता | न्तः | स | लि | ल | प्र | वे | शः |
| नि | र्धौ | त | दा | ना | म | ल | ग | ण्ड | भि | त्ति |
| र्व | न्यः | स | रि | त्तो | ग | ज | उ | न्म | म | ज्ज |
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