तमापतन्तं नृपतेरवध्यो
वन्यः करीति श्रुतवान्कुमारः ।
निवर्तियिष्यन्विशिखेन कुम्भे
जघान नात्यायतकृष्टशार्ङ्गः ॥
तमापतन्तं नृपतेरवध्यो
वन्यः करीति श्रुतवान्कुमारः ।
निवर्तियिष्यन्विशिखेन कुम्भे
जघान नात्यायतकृष्टशार्ङ्गः ॥
वन्यः करीति श्रुतवान्कुमारः ।
निवर्तियिष्यन्विशिखेन कुम्भे
जघान नात्यायतकृष्टशार्ङ्गः ॥
अन्वयः
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"वन्यः करी नृपतेः अवध्यः" इति श्रुतवान् कुमारः तम् आपतन्तम् निवर्तयिष्यन्, न-अति-आयत-कृष्ट-शार्ङ्गः (सन्) कुम्भे विशिखेन जघान ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तमिति॥ नृपते राज्ञो वन्यः कर्यवध्य इति श्रुतवान् शास्त्त्राज्ज्ञातवान्। कमार आपततन्मभिधावन्तं तं गजं निवर्तयिष्यन्न तु प्रहरिष्यन्। अत एव नात्यायतमनतिदीर्घँ यथा स्यात्। नञर्थस्य नशब्दस्य सुप्सुपेति समासः। कृष्टशार्ङ्गं ईषदाकृष्टचापः सन्विशिखेन बाणेन कुम्भे जघान। अत्र चाक्षुषः-
लक्ष्मीकामो युद्धादन्यत्र करिवधं न कुर्यात्। इयं हि श्रीर्ये करिणः इति। अत एव युद्धादन्यत्र इति द्योतनार्थमेव वन्यग्रहणं कृतम् ॥
Summary
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The prince, knowing from tradition that a wild elephant is not to be killed by a king, wished only to turn it back. Without drawing his Sharnga bow too far, he struck the charging elephant on its frontal globe with an arrow.
सारांश
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जंगली हाथी अवध्य होता है, यह सोचकर राजकुमार अज ने उसे मारने के लिए नहीं बल्कि रोकने के लिए उसके मस्तक पर एक हल्का बाण चलाया।
पदच्छेदः
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| तम् | तद् (२.१) | it (the elephant) |
| आपतन्तम् | आपतत् (आ√पत्+शतृ, २.१) | charging |
| नृपतेः | नृपति (६.१) | of a king |
| अवध्यः | अ–वध्य (१.१) | not to be killed |
| वन्यः | वन्य (१.१) | wild |
| करी | करिन् (१.१) | elephant |
| इति | इति | thus |
| श्रुतवान् | श्रुतवत् (√श्रु+क्तवतु, १.१) | having heard |
| कुमारः | कुमार (१.१) | the prince (Aja) |
| निवर्तयिष्यन् | निवर्तयिष्यत् (नि√वृत्+णिच्+स्य+शतृ, १.१) | wishing to turn it back |
| विशिखेन | विशिख (३.१) | with an arrow |
| कुम्भे | कुम्भ (७.१) | on the frontal globe |
| जघान | जघान (√हन् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | struck |
| नात्यायतकृष्टशार्ङ्गः | न–अति–आयत–कृष्ट–शार्ङ्ग (१.१) | without drawing his Sharnga bow too far |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | मा | प | त | न्तं | नृ | प | ते | र | व | ध्यो |
| व | न्यः | क | री | ति | श्रु | त | वा | न्कु | मा | रः |
| नि | व | र्ति | यि | ष्य | न्वि | शि | खे | न | कु | म्भे |
| ज | घा | न | ना | त्या | य | त | कृ | ष्ट | शा | र्ङ्गः |
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