आधारबन्धप्रमुखैः प्रयत्नैः
संवर्धितानां सुतनिर्विशेषम् ।
कञ्चिन्न वाय्वादिरुपप्लवो वः
श्रमच्छिदामाश्रमपादपानाम् ॥
आधारबन्धप्रमुखैः प्रयत्नैः
संवर्धितानां सुतनिर्विशेषम् ।
कञ्चिन्न वाय्वादिरुपप्लवो वः
श्रमच्छिदामाश्रमपादपानाम् ॥
संवर्धितानां सुतनिर्विशेषम् ।
कञ्चिन्न वाय्वादिरुपप्लवो वः
श्रमच्छिदामाश्रमपादपानाम् ॥
अन्वयः
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आधारबन्धप्रमुखैः प्रयत्नैः सुतनिर्विशेषम् संवर्धितानाम्, वः श्रमच्छिदाम् आश्रमपादपानाम् वायु-आदिः उपप्लवः कञ्चित् न (अस्ति)?
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
आधारेति॥ आधारबन्धप्रमुखैरालवालनिर्माणादिभिः प्रयत्नैरुपायैः।
आधार आलवालेऽम्बुबन्धेऽधिकरणेऽपि च इति विश्वः। सुतेभ्यो निर्गतो विशेषोऽतिशयो यस्मिन्कर्मणि तत्तथा संवर्धितानां श्रमच्छिदां व आश्रमपादपानां वाय्वादिः। आदिशब्दाद्दावानलादिः। उपप्लवो बाधको न कञ्चिन्नास्ति किम्? ॥
Summary
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"I hope there is no calamity, such as strong winds, affecting your hermitage trees, which remove fatigue and have been nurtured with efforts like building water basins, treating them no differently than sons?"
सारांश
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क्या आश्रम के वे वृक्ष सुरक्षित हैं जिन्हें आपने पुत्रवत पाला है और जो थकान दूर करते हैं? क्या वायु आदि से उन्हें कोई कष्ट तो नहीं पहुँच रहा?
पदच्छेदः
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| आधारबन्धप्रमुखैः | आधार–बन्ध–प्रमुख (३.३) | by efforts headed by making water-basins |
| प्रयत्नैः | प्रयत्न (३.३) | by efforts |
| संवर्धितानाम् | संवर्धित (सम्√वृध्+णिच्+क्त, ६.३) | of those that have been nurtured |
| सुतनिर्विशेषम् | सुत–निर्विशेष (२.१) | like a son, without distinction |
| कञ्चित् | कञ्चित् | I hope |
| न | न | not |
| वाय्वादिरुपप्लवः | वायु–आदि–उपप्लव (१.१) | calamity such as wind etc. |
| वः | युष्मद् (६.३) | your |
| श्रमच्छिदाम् | श्रम–छिद् (६.३) | of the removers of fatigue |
| आश्रमपादपानाम् | आश्रम–पादप (६.३) | of the hermitage trees |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | धा | र | ब | न्ध | प्र | मु | खैः | प्र | य | त्नैः |
| सं | व | र्धि | ता | नां | सु | त | नि | र्वि | शे | षम् |
| क | ञ्चि | न्न | वा | य्वा | दि | रु | प | प्ल | वो | वः |
| श्र | म | च्छि | दा | मा | श्र | म | पा | द | पा | नाम् |
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