तस्याधिकारपुरुषैः प्रणतैः प्रदिष्टां
प्राग्द्वारवेदिविनिवेशितपूर्णकुम्भाम् ।
रम्यां रघुप्रतिनिधिः स नवोपकार्यां
बाल्यात्परामिव दशां मदनोऽध्युवास ॥
तस्याधिकारपुरुषैः प्रणतैः प्रदिष्टां
प्राग्द्वारवेदिविनिवेशितपूर्णकुम्भाम् ।
रम्यां रघुप्रतिनिधिः स नवोपकार्यां
बाल्यात्परामिव दशां मदनोऽध्युवास ॥
प्राग्द्वारवेदिविनिवेशितपूर्णकुम्भाम् ।
रम्यां रघुप्रतिनिधिः स नवोपकार्यां
बाल्यात्परामिव दशां मदनोऽध्युवास ॥
अन्वयः
AI
सः रघु-प्रतिनिधिः, तस्य प्रणतैः अधिकार-पुरुषैः प्रदिष्टां, प्राक्-द्वार-वेदि-विनिवेशित-पूर्ण-कुम्भाम्, रम्याम् नव-उपकार्याम्, मदनः बाल्यात् पराम् दशाम् इव, अध्युवास ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तस्येति॥ रघुप्रतिनिधी रघुकल्पः। रघुतुल्य इत्यर्थः। उक्तं च दण्डिना सादृश्यवाचकप्रस्तावे-
कल्पदेशीयदेश्यादि प्रख्यप्रतिनिधी अपि इति। सोऽजः प्रणतैर्नमस्कृतवद्भिः। कर्तरि क्तः। तस्य भोजस्याधिकारो नियोगस्तस्य पुरुषैः। अधिकृतैरित्यर्थः। प्रदिष्टां निर्दिष्टां प्राग्द्वारस्य वेद्यां विनिवेशितः प्रतिष्ठापितः पूर्णकुम्भो यस्यास्ताम्। स्थापितमङ्गलकलशामित्यर्थः। रम्यां रमणीयां नवोपकार्यां नूतनं राजभवनम्। उपकार्या राजसद्मन्युपचारचितेऽन्यवत् इति विश्वः। मदनो बाल्यात्परां शैशवादनन्तरां दशामिव। यौवनमिवेत्यर्थः। अध्युवासाधिष्ठितवान्। तत्रोषितवानित्यर्थः। उपान्वध्याङ्वसः (अष्टाध्यायी १.४.४८ ) इति कर्मत्वम् ॥
Summary
AI
That representative of Raghu (Aja) occupied the beautiful new mansion assigned to him by the king's bowing officials. The mansion, with full pitchers at its eastern gate, was like the stage of life beyond childhood, which the God of Love occupies.
सारांश
AI
अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए सुंदर नए महल में अज ने निवास किया, जिसके मुख्य द्वार पर पूर्ण कलश स्थापित थे। वहाँ अज ऐसे सुशोभित हुए जैसे कामदेव बाल्यावस्था को छोड़कर युवावस्था में प्रवेश करते हैं।
पदच्छेदः
AI
| तस्य | तद् (६.१) | his |
| अधिकारपुरुषैः | अधिकार–पुरुष (३.३) | by the officials |
| प्रणतैः | प्रणत (प्र√नम्+क्त, ३.३) | bowing |
| प्रदिष्टां | प्रदिष्ट (प्र√दिश्+क्त, २.१) | assigned |
| प्राग्द्वारवेदिविनिवेशितपूर्णकुम्भाम् | प्राच्–द्वार–वेदि–विनिवेशित–पूर्ण–कुम्भ (२.१) | which had full pitchers placed on platforms at the eastern gate |
| रम्यां | रम्य (२.१) | beautiful |
| रघुप्रतिनिधिः | रघु–प्रतिनिधि (१.१) | the representative of Raghu |
| स | तद् (१.१) | he |
| नवोकार्याम् | नव–उपकार्या (२.१) | new mansion |
| बाल्यात् | बाल्य (५.१) | from childhood |
| पराम् | पर (२.१) | the next |
| इव | इव | like |
| दशां | दशा (२.१) | stage |
| मदनः | मदन (१.१) | the God of Love |
| अध्युवास | अध्युवास (अधि√वस् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | occupied |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | स्या | धि | का | र | पु | रु | षैः | प्र | ण | तैः | प्र | दि | ष्टां |
| प्रा | ग्द्वा | र | वे | दि | वि | नि | वे | शि | त | पू | र्ण | कु | म्भाम् |
| र | म्यां | र | घु | प्र | ति | नि | धिः | स | न | वो | प | का | र्यां |
| बा | ल्या | त्प | रा | मि | व | द | शां | म | द | नो | ऽध्यु | वा | स |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.