रतेर्गृहीतानुनयेन कामं
प्रत्यर्पितस्वाङ्गमिवेश्वरेण ।
काकुत्स्थमालोकयतां नृपाणां
मनो बभूवेन्दुमतीनिराशम् ॥
रतेर्गृहीतानुनयेन कामं
प्रत्यर्पितस्वाङ्गमिवेश्वरेण ।
काकुत्स्थमालोकयतां नृपाणां
मनो बभूवेन्दुमतीनिराशम् ॥
प्रत्यर्पितस्वाङ्गमिवेश्वरेण ।
काकुत्स्थमालोकयतां नृपाणां
मनो बभूवेन्दुमतीनिराशम् ॥
अन्वयः
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रतेः गृहीत-अनुनयेन ईश्वरेण प्रति-अर्पित-स्व-अङ्गम् कामम् इव काकुत्स्थम् आलोकयताम् नृपाणाम् मनः इन्दुमती-निराशम् बभूव।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
रतेरिति॥
रतिः स्मरप्रियायां च रागे च सुरते स्मृता इति विश्वः। रतेः कामप्रियाया गृहीतानुनयेन स्वीकृतप्रार्थनेन। गृहीतरत्यनुनयेनेत्यर्थः। सापेक्षत्वेऽपि गमकत्वात्समासः। ईश्वरेण हरेण प्रत्यर्पितस्वाङ्गं काममिव स्थितं काकुत्स्थमजमालोकयतां नृपाणां मन इन्दुमतीनिराशं वैदर्भीनिःस्पृहं बभूव, इन्दुमती सत्पतिमेनं विहाय नास्मान्वरिष्यति इति निश्चिक्युरित्यर्थः। सर्वातिशयसौन्दर्यं मत्वेति भावः ॥
Summary
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Upon seeing Aja, who was as handsome as the god of love, Kāma, whose body was seemingly restored by Lord Shiva at the earnest plea of his wife Rati, the minds of the other kings became hopeless about winning Indumati.
सारांश
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राजाओं ने जब अज को देखा, तो उन्हें लगा मानो शिव ने कामदेव को पुनः शरीर दे दिया हो; उन्हें देखकर इन्दुमती को पाने की उनकी आशा समाप्त हो गई।
पदच्छेदः
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| रतेः | रति (६.१) | of Rati |
| गृहीतानुनयेन | गृहीत–अनुनय (३.१) | by him whose plea was accepted |
| कामम् | काम (२.१) | Kama (the god of love) |
| प्रत्यर्पितस्वाङ्गम् | प्रति–अर्पित–स्व–अङ्ग (२.१) | whose own body was returned |
| इव | इव | like |
| ईश्वरेण | ईश्वर (३.१) | by Lord Shiva |
| काकुत्स्थम् | काकुत्स्थ (२.१) | Aja (descendant of Kakutstha) |
| आलोकयताम् | आलोकयत् (आ√लोक्+णिच्+शतृ, ६.३) | of those looking at |
| नृपाणाम् | नृप (६.३) | of the kings |
| मनः | मनस् (१.१) | the mind |
| बभूव | बभूव (√भू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | became |
| इन्दुमतीनिराशम् | इन्दुमती–निराश (१.१) | hopeless about Indumati |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| र | ते | र्गृ | ही | ता | नु | न | ये | न | का | मं |
| प्र | त्य | र्पि | त | स्वा | ङ्ग | मि | वे | श्व | रे | ण |
| का | कु | त्स्थ | मा | लो | क | य | तां | नृ | पा | णां |
| म | नो | ब | भू | वे | न्दु | म | ती | नि | रा | शम् |
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